अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी/बाढड़ा।
अनियमित पेयजल और बिजली सप्लाई से परेशान अटेला खुर्द व अटेला कलां के ग्रामीणों ने सोमवार सुबह दादरी-लोहारू मुख्यमार्ग पर जाम लगा दिया। इससे पहले पेयजल संकट से त्रस्त अटेला कलां की महिलाओं ने रविवार शाम करीब सात बजे वाटर वर्क्स को भी ताला जड़ दिया। तालाबंदी के बावजूद जन स्वास्थ्य विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। सोमवार को जाम लगाने के बाद मौके पर पहुंचे बिजली निगम और जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त कर जाम व वाटर वर्क्स का ताला खुलवाया। इस दौरान ग्रामीणों ने दोनों विभागों के कर्मचारियों पर ग्रामीणों की समस्याओं को नजरअंदाज करने के आरोप भी जड़े।
अटेला कलां वाटर वर्क्स से गांव बरसाना, बिरही कलां, छपार, तिवाला, अटेला खुर्द और अटेला कलां में पेयजल आपूर्ति की जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब 20 दिनों से वाटर वर्क्स से अनियमित पेयजल सप्लाई की जा रही है। इस संबंध में जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है लेकिन इसके बावजूद कोई समाधान नहीं हो पा रहा। इससे खफा अटेला कलां की महिलाएं रविवार शाम करीब सात बजे वाटर वर्क्स पर पहुंची और यहां ताला जड़ दिया। इस दौरान महिलाओं ने नारेबाजी कर रोष जाहिर किया। तालाबंदी के बावजूद जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठाई। इससे ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क उठा।
सोमवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे विरोध में अटेला कलां और अटेला खुर्द के ग्रामीण दादरी-लोहारू मुख्यमार्ग पर उतर आए। ग्रामीणों ने समस्या के समाधान की मांग को लेकर रोड जाम कर दिया। रोड जाम की सूचना मिलते ही बाढड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। इस दौरान ग्रामीणों ने जन स्वास्थ्य विभाग व बिजली निगम के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। इसके कुछ देर बाद दोनों विभागों के एसडीओ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इसी दौरान तहसीलदार नवनीत कुमार भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने ग्रामीणों से जाम लगाने का कारण पूछा।
अटेला कलां सरपंच कृष्ण कुमार, गुलाबो, सावित्री, संतोष, धर्मा, भरपाई, राजबीर, जोरावर और अनूप आदि ग्रामीणों ने बताया कि दिन के समय उनके गांव में दो घंटे बिजली देने का शेड्यूल निर्धारित है, लेकिन निगम कर्मचारी मनमानी कर महज आधा घंटा ही बिजली सप्लाई छोड़ते हैं और इस दौरान भी एक से दो कट लगा दिए जाते हैं। ग्रामीणों ने तहसीलदार को बताया कि इसका सीधे तौर पर असर छह गांवों की पेयजल सप्लाई पर पड़ रहा है। सरपंच कृृष्ण कुमार ने बताया कि दोनों विभागों के अधिकारियों को कई दफा मामले से अवगत करा चुके हैं लेकिन इसके बावजूद समाधान के कोई प्रयास तक नहीं किए गए। तहसीलदार ने दोनों विभागों के अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। अधिकारियों से उचित आश्वासन पाकर करीब डेढ़ घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।
विभागों के कर्मचारी नहीं उठाते फोन
मौके पर पहुंचे बिजली निगम के एसडीओ ज्ञानचंद, तहसीलदार नवनीत कुमार व डीएसपी दलीप सिंह को ग्रामीणों ने दोनों विभागों के कर्मचारियों के व्यवहार की भी जानकारी दी। ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल और बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर जब वो कर्मचारियों के पास फोन करते हैं तो उनकी कॉल तक रिसीव नहीं की जाती। इससे परेशान होकर ही ग्रामीण तालाबंदी व रोड जाम करने को विवश हुए हैं।
नंदीशाला में 350 गोवंशों के लिए नहीं पेयजल प्रबंध
ग्रामीणों ने बताया कि गांव अटेला में जिला प्रशासन के निर्देशों पर नंदीशाला खोली गई थी और इस समय यहां करीब 350 गोवंश हैं। सरपंच कृष्ण कुमार ने बताया कि बिजली संकट गहराने से नंदीशाला में पानी का प्रबंध भी नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि नंदीशाला में पंचायत चारे का प्रबंध तो कर देती है लेकिन पानी का प्रबंध पेयजल सप्लाई पर ही निर्भर है।
बाक्स: क्रशर जोन से बिजली सप्लाई जोड़ने की मांग
वाटर वर्क्स को ताला जड़ने व रोड जाम का कदम उठाने वाले ग्रामीणों ने वाटर वर्क्स की बिजली सप्लाई क्रशर जोन से जोड़ने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि क्रशर जोन में 22 घंटे बिजली दी जाती है और अगर वाटर वर्क्स को इससे जोड़ दिया जाएगा तो छह गांवों का पेयजल संकट अपने आप ही दूर हो जाएगा। इस पर निगम अधिकारियों ने मंगलवार को ही यह मांग पूरी करने का आश्वासन दिया।