‘थोड़ी भी होगी शराब की मात्रा तो अच्छी नहीं होगी जीवन की यात्रा’
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की चरखी दादरी सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी प्रेमलता ने कहा कि अगर शराब की थोड़ी मात्रा भी होगी तो जीवन की यात्रा अच्छी नहीं रहेगी। तंबाकू निषेध दिवस पर लगाई गई व्यसन-मुक्ति प्रदर्शनी को संबोधित हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन की यात्रा में सबसे बड़ा सुख निरोगी काया है। यदि हमारा शरीर ही स्वस्थ नहीं होगा तो दुनिया के तमाम वैभव व सुख-सुविधाएं व्यर्थ हैं। इसी को देखते हुए 1958 में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा मेडिकल विंग की नींव रखी गई थी। इसके माध्यम से करीब 12 लाख से अधिक लोग नशा मुक्त हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिवर्ष लाखों लोगों की मौत तंबाकू उत्पादों के सेवन से होती है। इसलिए आज हमें इससे बचने और दूसरों को भी बचाने के लिए जागरूक होना पड़ेगा। प्रेमलता ने बताया कि कोई भी नशा व्यक्ति तब शुरू करता है जब वह कोई मानसिक परेशानी से गुजर रहा होता है। अत: ऐसे मोड़ पर वह नशा करने के बजाय आध्यात्मिकता का रास्ता अपनाए तो यह दुख-तकलीफ स्वत: ही दूर हो जाएगी। कार्यक्रम का शुभारंभ रोडवेज टीएम राजसिंह अहलावत, योगा प्रभारी सुनीता कासनी तथा प्रदेश उपाध्यक्ष हरियाणा कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रणबीर सिंह दहलावत, प्रीत भागवी, दर्शन सिंह ऊण, रामेश्वर दयाल ने किया। इस अवसर पर राजसिंह अहलावत ने कहा कि अगर हम प्रतिदिन राजयोग का अभ्यास करें तो किसी भी व्यक्ति को आजीवन इन व्यसनों का प्रयोग करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।