मीठी बोली से ही मनुष्य पा सकता है आदर : साध्वी
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
मधुर बोल हमेशा से आपसी सौहार्द का हिस्सा रहे हैं। अगर आपकी बोली मीठी है तो एक दिन दुश्मन का हृदय भी आपके विचारों को सोचने एवं उस पर मनन करने के लिए मजबूर कर देगा। जब भी किसी से भेंट करते हैं तो हमारे व्यक्तित्व का जो प्रभाव होता है उसमें भाषा का एक महत्वपूर्ण योगदान होता। यह बात बुधवार को स्थानीय छोटी बजारी स्थित जैन स्थानक में इन दिनों धर्म प्रचार प्रसार के लिए नगर प्रवास पर पधारीं महासाध्वी शक्तिप्रभा, साध्वी अक्षिता, सेवा भावी रक्षिता ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि अगर हम दूसरों से आदर पाने की अपेक्षा रखते हैं तो स्वयं के व्यवहार में भी इसे अपनाना अत्यंत आवश्यक है। इसका मुख्य जरिया मीठी बोलना भी है। अपने कार्य व्यवहार को ऐसा बनाना चाहिए, जिससे कि सहज ही हमारी वाणी दूसरों को आकर्षित करे। इस दौरान जैन समाज के वरिष्ठ सदस्य इंद्र जैन ने बताया कि धर्म प्रचार प्रसार के लिए सत्यप्रकाश महाराज ढाणे दो अगले दो दिन में मानेहरू से प्रस्थान कर नगर प्रवास हेतु आ रहे हैं। इस मौके पर ललित जैन, प्रदीप गुप्ता, रणजीत जैन, मुकेश जैन, टीनू जैन, टीटू जैन, इंद्र जैन, छोटू जैन, लक्की जैन, हरिसिंह जैन, एनके जैन, धीरज जैन, पंकज जैन, हैप्पी जैन, सुरेंद्र मोहन जैन, खुशी जैन, सुरेश जैन, अंजू जैन, मंजू जैन, शांति जैन, तमन्ना जैन, राशि जैन, पुष्पा जैन, कोमल जैन, निर्मला जैन, मधु वर्मा, आरती जैन, तारा रानी जैन, सरोज जैन, विपिन जैन, कंचन जैन, प्रेमलता जैन आदि उपस्थित थे।