अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
केंद्र सरकार दिव्यांगजनों को ऐसा यूनिवर्सल पहचान-पत्र प्रदान करेगी। जोकि पूरे देश में मान्य होगा। इससे पहले एक राज्य से जारी पहचान-पत्र को अन्य राज्यों में मान्यता नहीं थी जिसकी वजह से दिव्यांगजनों को असुविधा का सामना करना पड़ता था। भारत सरकार के इस निर्णय से देश के सभी दिव्यांगजन लाभांवित होंगे। उक्त जानकारी केंद्र सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने शनिवार को झज्जर में नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत देश के सबसे बड़े दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण समारोह में दी। प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की थी।
झज्जर में मूक-बधिर बच्चों का होगा नि:शुल्क इलाज
हरियाणा के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की मांग पर केंद्रीय मंत्री ने झज्जर जिला में 0 से 5 वर्ष आयु के मूक-बधिर बच्चों का सर्वेक्षण कराने व केंद्र की मदद से उनका इलाज कराने की घोषणा भी की। इस दौरान उन्होंने बुजुर्गों के लिए वर्ष 2016 में लागू की गई वयोश्री योजना का जिक्र करते हुए बताया कि उम्र बढ़ने के साथ सुनने की क्षमता, नेत्र ज्योति व दांतों की समस्या पैदा होती है। इस योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को केंद्र सरकार की ओर से चश्मा, सुनने की मशीन व दांतों का सेट आदि सुविधाएं नि:शुल्क दी जाती है।
उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए संसद में पारित बिल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि दिव्यांगों को अब सरकारी नौकरियों में तीन की बजाए चार प्रतिशत व शिक्षा के क्षेत्र में तीन से बढ़ाकर पांच प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है। इसी तरह केंद्र की सरकारी नौकरियों में भी दिव्यांगजनों का 15 हजार का बैकलॉग पूरा कर दिया है।