अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से मंगलवार को अनाज मंडी में मेजर मेहर सिंह मलिक की अध्यक्षता में एक दिन का सांकेतिक धरना दिया गया। इसके बाद सीटीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार को एक ज्ञापन दिया। जिसमें जाट समाज की लंबित जेल से बच्चों की रिहाई व बीसीबी में आरक्षण दिए जाने की मांग रखी गई। वहीं, धरने पर बोलते हुए संदीप धनखड़ ने बताया कि यशपाल मलिक 36 बिरादरी के चंदे का गलत उपयोग, जमानत पर आए युवकों व सरपंचों को सरकारी बोलकर व रैली में रामपाल के समर्थकों को बुलाकर जाट समाज के साथ खिलवाड़ कर रहा हैं।
दिलबाग और हवा सिंह दलाल ने बताया कि जाट सेवा संघ की जो रजिस्ट्री हुई है, उसमें दो करोड़ का गबन है। रजिस्ट्री 17 लाख के हिसाब से हुई है और समाज को 28 लाख रुपये बताया गया है। जींद जिले के पैसों पर मुकदमा दर्ज करवाया गया है। क्योंकि यशपाल मलिक के धरने का चेक बाउंस हो गया है। उन्होंने बताया कि अध्यक्ष मंडल के धरने पूर्व समयानुसार चार दिसंबर को सोनीपत में खत्म होंगे व आगे की रणनिति तैयार की जाएगी।
इस मौके पर महासिंह देशवाल, प्रो. विरेंद्र सिंह, वीरभान ढुल, एडवोकेट नवीर राहर, परमवीर मलिक, रामफल गुलिया, जगदीश गुलिया, जितेंद्र दहिया, मूलचंद दहिया, हवासिंह दलाल, दिलबाग, संदीप धनखड़ व अन्य मौजूद रहे।