बहादुरगढ़। दिल्ली के झाड़ौदा गांव के पास एसटीपी के कच्चे नाले से ओवरफ्लो हुए दूषित पानी की चार दिन बाद भी पूरी तरह निकासी नहीं हो सकी है। खेतों में पानी जमा होने से करीब 40 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हुई है। किसानों को खड़ी फसलों के खराब होने का डर सता रहा है। उनका कहना है कि यदि जल्द पानी नहीं निकाला गया तो उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा।
पानी की निकासी के लिए दिल्ली प्रशासन की ओर से 10 पंप सेट और जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से एक पंप लगाया गया है। हालांकि, लगातार पानी रिसने के कारण निकासी की गति धीमी है। किसानों के अनुसार दूषित पानी खेतों में जमा रहने से फसलों की जड़ों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
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झाड़ौदा निवासी नवीन, कोरभान, राजेश और अन्य किसानों ने प्रशासन से तत्काल पानी निकासी कराने, प्रभावित फसलों का सर्वे करवाने और नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि खेती पर किया गया पूरा खर्च डूबने का खतरा है।
अधिकारियों के अनुसार मोटर खराब होने के कारण सीवर ओवरफ्लो हुआ था। जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ नितिन ने बताया कि पानी का रिसाव बंद कर दिया गया है और निकासी का काम जारी है।