अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। एनएच-152 डी के लिए अधिग्रहीत जमीन की मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग को लेकर बुधवार दोपहर किसानों का प्रतिनिधिमंडल जिला उपायुक्त अजय सिंह तोमर से मिला। इस दौरान राजस्व विभाग और एनएचएआई के अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक के बाद बाहर आए किसान नेताओं ने बताया कि इस बार जिला प्रशासन का रवैया सकारात्मक रहा और शुक्रवार को उन्हें जिला प्रशासन ने दोबारा से बैठक के लिए बुलाया है। आगामी बैठक में वे कुछ दस्तावेज भी जिला उपायुक्त के सामने पेश करेंगे। वहीं, बुधवार को भी रामनगर और मौड़ी गांव के बीच 17 गांवों के किसानों धरना जारी।
26 फरवरी से 17 गांव के किसान एनएच के लिए अधिग्रहीत होने वाली जमीन का दो करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग पर धरना दे रहे हैं। गत एक सप्ताह में किसानों के प्रतिनिधिमंडल की एसडीएम सतबीर कुंडू से दो वार्ता हो चुकी हैं लेकिन दोनों ही असफल रही। किसानों का प्रतिनिधिमंडल डीसी से मुलाकात करने की मांग कर रहा था। यह मांग मंगलवार दोपहर चिड़िया रोड पर किए गए रोष प्रदर्शन के दौरान भी किसानों ने एसडीएम के सामने रखी थी। रोष प्रदर्शन कर रहे किसानों को पुलिस प्रशासन ने सड़क पर बैरिकेड्स लगाकर रामनगर गांव के समीप ही रोक लिया था। इस दौरान एसडीएम ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल की उपायुक्त के साथ वार्ता कराने का आश्वासन दिया था।
इसी आश्वासन पर बुधवार दोपहर दो बजे किसानों का प्रतिनिधिमंडल धरना संयोजक समिति प्रधान अनूप फौगाट के नेतृत्व में लघु सचिवालय पहुंचा। वहीं, बैठक के लिए जिला प्रशासन ने एनएचएआई अधिकारियों को भी बुलाया। किसानों के प्रतिनिधिमंडल की उपायुक्त के साथ करीब आधा घंटा वार्ता हुई और इससे वो संतुष्ट नजर आए। किसान नेता विनोद मौड़ी ने बताया कि बैठक में डीसी का रवैया काफी सकारात्मक रहा और अब शुक्रवार को उन्हें दोबारा से बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी बैठक में वो कुछ ऐसे दस्तावेज पेश करेंगे जिससे घोषित अवार्ड राशि गैरकानूनी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान भी कैश अवार्ड राशि रद्द कराने और नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने की मांग डीसी के सामने रखी गई है।
धरना रहा जारी, सांगवान और श्योराण खाप का मिला समर्थन
बुधवार को भी किसानों का शांतिपूर्वक धरना जारी रहा। धरने पर सांगवान और श्योराण खाप प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर खाप की तरफ से समर्थन दिया। इस दौरान किसानों ने नारेबाजी भी की। समिति प्रधान अनूप फौगाट ने बताया कि जब तक उनकी मांगें पूर्ण रूप से सिरे नहीं चढ़ जाती, तब तक किसानों का शांतिपूर्वक धरना जारी रहेगा।