अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। गांव मोड़ी निवासी अमित द्वारा तैयार की गई मल्टीपर्पज बस का निरीक्षण करने बुधवार को रोडवेज अधिकारी पहुंचे। इन्होंने करीब आधे घंटे तक बस का निरीक्षण किया और इसकी सराहना भी की। जीएम धनराज कुंडू ने कहा कि बस की जांच संबंधी रिपोर्ट आला अधिकारियों के पास भेजेंगे और इसके बाद अमित को ट्रायल प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस दौरान अगर सब कुछ दुरुस्त रहा तो अधिकारियों के आदेशों के मुताबिक आगामी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बस बनाने वाले युवा अमित ने बताया कि कुछ तकनीकों में और सुधार करने के लिए भी रोडवेज अधिकारियों ने उसे टिप्स दिए हैं। बकौल अमित जीएम ने प्रोजेक्ट की सराहना की है। उन्होंने कहा है कि एचआरईसी में अगर ट्रायल सफल रहती है तो फिर इस बस को रूट पर चलाकर देखा जाएगा। वहीं, रोडवेज अधिकारियों ने सोलर प्लेटों के डिजाइन में निर्धारित मानकों के अनुसार थोड़ा फेरबदल करने के निर्देश भी दिए हैं।
बता दें कि गांव मोड़ी निवासी 21 वर्षीय अमित ने रोडवेज की खटारा बस को मल्टीपर्पज बस का रूप दिया है। यह डीजल के साथ-साथ सोलर ऊर्जा से भी चलाई जा सकती है। बस को एंबुलेंस कम बस का लुक देने पर करीब 10 लाख रुपये लागत आई है। अगर नई बस को यह रूप दिया जाए तो उस पर करीब 25 लाख रुपये खर्च आता है। बुधवार दोपहर करीब एक बजे जीएम धनराज कुंडू और नेकीचंद बस का जायजा लेने पहुंचे। बस के निरीक्षण के दौरान जीएम ने कहा कि जो तकनीक इसमें प्रयोग हुई है उससे डीजल की बचत होगी। अमित ने बताया कि अब वह सोलर प्लेटों के डिजाइन में निर्धारित मानकों के अनुसार फेरबदल करेगा। उसने बताया कि जीएम ने उसे आश्वासन दिया है कि अगर एचआरईसी की ट्रायल सफल रहती है तो फिर इसकी रूट पर भी ट्रायल ली जाएगी। इस दौरान अगर सब कुछ सही रहा तो एचआईसी के साथ अनुबंध की सिफारिश हेड ऑफिस वो करेंगे।