बहादुरगढ़। शहर से सटे गांव परनाला में वीरवार की सुबह एक महिला ने ई-रिक्शा में बच्चे को जन्म दिया। खुले में जन्म होने के कारण शिशु संक्रमण का शिकार है, उसे एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया गया है। वहीं जच्चा की हालत में सुधार है।
मूलत: मध्य प्रदेश का निवासी बबलू पिछले एक साल से बहादुरगढ़ से सटे गांव परनाला में रह रहा है। वह मजदूरी करता है। बबलू की पत्नी राधा गर्भवती थी। वीरवार की सुुबह जब बबलू अपनी दोनों बेटियों को स्कूल के तैयार कर रहा था तो इसी दौरान राधा को पीड़ा होने लगी। पीड़ा बढ़ी तो वह तुरंत ई-रिक्शा लेकर आया। ई-रिक्शा में बैठाकर उसे अस्पताल ले जाने लगा तो घर से कुछ ही दूरी पर राधा की प्रसव पीड़ा बढ़ गई और उसने रिक्शा में ही शिशु को जन्म दे दिया। अस्पताल पहुंचकर उसने स्वास्थ्य कर्मियों को अवगत कराया। स्वास्थ्य कर्मियों ने जच्चा-बच्चा को संभाला और उपचार शुरू किया।
फिलहाल महिला की हालत में सुधार है, जबकि बच्चे को संक्रमण है व उसका वजन भी नॉर्मल बच्चे से कम है। बच्चे को एसएनसीयू में रखा गया है। बबलू के अनुसार उसकी पत्नी का किसी भी अस्पताल में उपचार नहीं चल रहा था। एक बार आशा वर्कर उसकी पत्नी को अर्बन पीएचसी में लेकर गई थी। चिकित्सकों ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और समय-समय पर गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में दिखाते रहना चाहिए। उधर, आरएमओ वीरेंद्र अहलावत ने कहा कि फिलहाल वह छुट्टी पर हैं। यदि कहीं बाहर डिलिवरी होती है तो अस्पताल इसके लिए जिम्मेदार नहीं। लोग जागरूक रहें। गर्भवती महिला की समय-समय पर जांच कराते रहें।