अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
निजी एवं सहकारी समिति की बसें सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ा रही हैं। नोटिस मिलने के बावजूद भी किसी बस संचालक द्वारा निजी बस पर मुफ्त एवं रियायती यात्रा की सुविधाएं अंकित नहीं की गई हैं। यात्रियों को सुविधाएं न देने के लिए बस संचालक सरकार के आदेशों की अवमानना कर रहे हैं।
परिवहन नीति-2016 के तहत जिन निजी एवं सहकारी समिति की बसों को परमिट दिए गए हैं। उनमें रोडवेज बसों के समान यात्रियों को सुविधाएं देने का नियम है। नियमों के हिसाब से 30 श्रेणी के यात्रियों को बसों में नि:शुल्क यात्रा और 10 श्रेणी के यात्रियों को रियायत देने का प्रावधान है। मगर निजी बसों में यात्रियों को ये सुविधाएं न मिलने की शिकायतें परिवहन निगम को मिल रही थी। इसलिए अभी हाल ही में आठ मार्च को प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण की ओर से निजी बस मालिकों व सहकारी समिति के मुखियाओं के नाम पत्र जारी किए गए।
पत्र में ये कहा गया
उक्त पत्र में कहा गया कि हरियाणा सरकार द्वारा दी जाने वाली सभी प्रकार की मुफ्त एवं रियायती सुविधा इन बसों में भी लागू करने के साथ-साथ बस के पिछले दरवाजे के साथ पीले रंग के बॉक्स में काले रंग के अक्षरों से लिखी जाएं। यदि उक्त आदेशों का पालन नहीं होता है तो 12 मार्च के बाद समिति की बसों के परमिट रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
सप्ताह बाद भी पालन नहीं
बहादुरगढ़ बस अड्डे की ओर से फिलहाल 23 बसों के मालिकों को ये नोटिस/पत्र दिए जा चुके हैं। बस मालिकों को नोटिस दिए जाने के लगभग एक सप्ताह बाद भी किसी भी निजी बसों पर ये सुविधाएं नहीं लिखी गई हैं। वीरवार को भी अड्डा परिसर में कई निजी बसें खड़ी हुई थी, इनमें से किसी भी बस मालिक की ओर से आदेशों का पालन नहीं किया गया था। बता दें कि अक्सर निजी बस चालक पास मान्य न होने की बात कहकर लोगों को बसों से उतार देते हैं। ऐसे में विवाद भी हो जाते हैं। यात्रियों को जानकारी व निजी बस चालक, परिचालकों पर नकेल कसने के लिए ये लाइनें लिखवानी जरूरी समझी जा रही हैं।
इनको मुफ्त यात्रा की सुविधा
स्वतंत्रता सेनानी, सांसद एवं पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, स्वतंत्रता सेनानी की वीरांगना, नेत्रहीन, सम्मानित फोल्क कलाकार, सम्मानित लेखक, थेलिसिमिया रोगी एक सहायक के साथ, अर्जुन अवार्डी-राज्य खेल अवार्डी, बेराजगार प्रार्थियों के लिए साक्षात्कार स्थान तक, सैनिक विधवाओं, राष्ट्रीय यूथ अवार्डी को आजीवन मुफ्त यात्रा, 100 प्रतिशत गूंगा-बहरा, 100 प्रतिशत विकलांग, रक्षाबंधन पर महिलाओं, मंदबुद्धि व्यक्ति एक सहायक के साथ, युद्ध-विकलांग पूर्व सैनिक, मान्यता प्राप्त स्कूल, कालेज व संस्थाओं की छात्राओं, कैंसर रोगी, मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए वोल्वो व एसी बस में दो सीट आरक्षित के अलावा कुछ अन्य श्रेणियों के यात्रियों को परिवहन नीति 2016 के तहत परमिट लेने वाली निजी बसों में भी नि:शुल्क सफर करने का प्रावधान है।
इनको है रियायत
65 वर्ष से अधिक आयु के पुरुष को 50 प्रतिशत छूट, एनसीसी कैडेट को 50 प्रतिशत छूट, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ी को 75 प्रतिशत छूट के अलाव पास पर जो सुविधा सरकारी बसों में मिलती हैं, वे तमाम सुविधाएं परिवहन नीति 2016 के तहत परमिट लेने वाली निजी बसों में मिलनी अनिवार्य है।
बस मालिकों को दिए पत्र : जीएम
रोडवेज के जीएम लेखराज ने कहा कि उनके पास जो पत्र आए थे, वे तमाम निजी बसों के मालिकों एवं समिति के मुखियाओं को भेज दिए हैं। अब निजी बसों में ये सुविधाएं अंकित नहीं की गई हैं, तो इस मामले में आरटीए को कार्रवाई करनी है।
होगी सख्त कार्रवाई : जसवीर सिंह
ट्रांसपोर्ट सब इंस्पेक्टर जसवीर सिंह ने कहा कि जिन बस मालिकों को नोटिस दिए गए हैं, उनके नाम बस अड्डा अधीक्षक से लिए जाएंगे। अगर वे बस मालिक आदेशों की पालना नहीं करते हैं तो चालान तो होगा ही, बसों को भी अड्डे के भीतर नहीं घुसने दिया जाएगा। शीघ्र ही उन्हें एक और नोटिस जारी किया जाएगा। यदि फिर भी बाज नहीं आते हैं तो बस का परमिट रद्द कर दिया जाएगा।