नगर परिषद के वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर बुलाई गई बैठक में दो मनोनीत समेत 26 पार्षदों ने हिस्सा नहीं लिया। वहीं 12 पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद के अधिकारी पार्षदों को चोर समझते हैं। उनको स्ट्रीट लाइटें भी नहीं दी जा रही हैं। पार्षद अपने वार्ड में एक-एक लाइट को मोहताज हैं।
आगे कहा कि कोई लाइट मिलती भी है तो उसकी जीपीएस लोकेशन ली जा रही है। वार्ड-23 की पार्षद सुनैना मलिक ने कहा कि नई लाइटें तो छोड़ो 4 माह से उसके वार्ड की पुरानी लाइटें भी ठीक नहीं हो रही हैं। इस पर जेई आकाश बोले कि इस बारे में ठेकेदार को नोटिस दिया गया है।
वहीं बैठक में भाग लेने वाले एक पार्षद ने कहा कि बजट को कैसे पास कर दें। हमें बजट की प्रतियां तक भी मुहैया नहीं कराई गई। इस पर ईओ अरुण नांदल बोले कि बैठक में आने पर सभी पार्षदों को प्रस्तावित बजट का एक-एक सेट दिया जाता। अगर बजट को पास नहीं करोगे तो शहर को ही नुकसान होगा।
65 करोड़ के टेंडर लगे हैं। बजट पास न होने पर ये सभी कार्य रुक जाएंगे। अगर पार्षद शहर का विकास चाहते तो बैठक में भाग लेकर बजट पास करवाते।
एक घंटे का इंतजार, फिर बैठक की खत्म
शुक्रवार को करीब 11 बजे हुई बैठक में चेयरपर्सन सरोज राठी, वाईस चेयरमैन पालेराम शर्मा, मनोनीत पार्षद राजबाला व छह अन्य पार्षदों ने भाग लिया। शेष पार्षदों ने बैठक में भाग नहीं लिया। ऐसे में बैठक का कोरम पूरा नहीं हो सका और एक घंटे के इंतजार के बाद कार्यकारी अधिकारी अरुण नांदल ने बैठक को समाप्त कर दिया। ऐसे में 122.04 करोड़ की आय के बजट पर चर्चा नहीं हो सकी।
आंबेडकर के नाम की तख्ती लगवाने की मांग
बैठक में आए वार्ड-1 के पार्षद रजनीश ने कहा कि पावर हाउस चौक का नाम आंबेडकर के नाम से नामकरण होना था। पूरे शहर का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। वहां कम से कम एक तख्ती ही लगवा दो।
बॉक्स
लगातार तीन साल से पार्षदों की अनदेखी की जा रही है। पार्षद विकास कार्य न होने की वजह से निराश हैं। इसी वजह से सिर्फ 9 सदस्य को छोड़कर अन्य सभी पार्षदों इस बैठक का बहिष्कार किया है।
-संदीप अहलावत, पार्षद वार्ड-7
नगर परिषद के मौजूदा बोर्ड में पार्षदों की कोई अहमियत नहीं। वार्डों के काम नहीं हो रहे। ना ही उन्हें पूछा जा रहा है। वार्डों की समस्या पार्षद बताएगा लेकिन अधिकारी अपनी मनमर्जी से काम करा रहे हैं। हम जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं लेकिन यहां पर लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। इसीलिए सभी पार्षदों ने बजट की बैठक का विरोध किया है।
-सतप्रकाश छिकारा, पार्षद, वार्ड-29
बजट की बैठक को लेकर सिर्फ सूचना दी गई। नगर परिषद के अधिकारियों ने इस साल की बजट की डिटेल किसी भी पार्षद को नहीं दी गई। इतना ही नहीं पार्षदों को कभी बैठकों की प्रोसिडिंग बुक भी नहीं दी जाती है। बैठक में एजेंडा पास कुछ होता है और बुक में कुछ और दर्ज मिलता है।
-अशोक शर्मा, पार्षद, वार्ड-11
बजट की बैठक में कोरम पूरा नहीं था। बैठक रद्द हुई है। अगर अधिकारी घर जाकर किसी पार्षद के साइन करवाएंगे तो हम इसकी लिखित शिकायत करेंगे।
-मोहित राठी, पार्षद, वार्ड-13
नगर परिषद के अधिकारी और पदाधिकारी पार्षदों को गुमराह कर रहे हैं। लाइटों को लेकर भी कोई स्थिति स्पष्ट नहीं है। अधिकारी पार्षदों को चोर समझते हैं। भाजपा के बोर्ड में पार्टी के ही पार्षदों के वार्डों में काम नहीं हो रहे हैं। ऐसे में भाजपा सरकार को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।
-हरिमोहन धाकरे, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड-10
फोटो-53: बहादुरगढ़ नगर परिषद के गेट के बाहर रोष जताते पार्षद। संवाद
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फोटो-53: बहादुरगढ़ नगर परिषद के गेट के बाहर रोष जताते पार्षद। संवाद
फोटो-53: बहादुरगढ़ नगर परिषद के गेट के बाहर रोष जताते पार्षद। संवाद
फोटो-53: बहादुरगढ़ नगर परिषद के गेट के बाहर रोष जताते पार्षद। संवाद
फोटो-53: बहादुरगढ़ नगर परिषद के गेट के बाहर रोष जताते पार्षद। संवाद