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2500 रुपये दो, अलग कमरे में बैठकर खुलकर नकल करो

Sat, 08 Apr 2017 12:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
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बहादुरगढ़। 2500 रुपये दो और ओपन की परीक्षाओं में खुलकर नकल करो। फिलहाल इन दिनों बहादुरगढ़ के नेशनल हाइवे पर स्थित एचआईटी कॉलेज में नेशनल ओपन स्कूल की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं चल रही हैं। यहां पर कुछ इसी तरह से परीक्षार्थियों को नकल करने के लिए खुली छूट दी जा रही है।  जो परीक्षार्थी नकल के लिए पैसे दे देता है तो उसे अलग कमरे में बैठा दिया जाता है। जबकि पैसे न देने वाले विद्यार्थी को एकांत में बैठाया जा रहा है। परीक्षार्थी अगर पैसे नहीं देता तो उससे बदतमीजी भी की जाती है। नकल के इस खुले खेल में कॉलेज के निचले स्टाफ से लेकर ऊपर तक का स्टाफ शामिल है। उधर, जिले के शिक्षा अधिकारियों के संज्ञान में मामला पहुंच गया है। उनकी तरफ से इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

हजारों विद्यार्थी दे रहे हैं परीक्षा
एचआईटी कालेज में चल रही ओपन स्कूल की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में प्रतिदिन हजारों विद्यार्थी बैठ रहे हैं। इन विद्यार्थियों से कालेज स्टाफ खुलेआम नकल करने के लिए दो से तीन हजार रुपये की मांग करता है। शुक्रवार को भी कालेज में दसवीं की गृह विज्ञान व बारहवीं की इतिहास व भूगोल की परीक्षाएं हुई। इनमें लगभग 500 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे।
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कालेज ने नकल के लिए निकाला है दो से तीन हजार का रेट
नेशनल ओपन स्कूल की परीक्षा में इन दिनों एचआईटी कालेज के वारे के न्यारे हो रहे हैं। यहां पर परीक्षार्थियों को नकल करने के लिए दो से तीन हजार रुपये का रेट निकाला गया है। परीक्षार्थियों की ओर से यह राशि अदा करने के बाद कालेज स्टाफ की ओर से नकल के लिए खुली छूट दी जाती है। एचआईटी कालेज के परीक्षा केंद्र पर शुक्रवार को कक्षा दसवीं व बारहवीं की परीक्षा में जिस तरह का नजारा देखने को मिला वह खुलेआम हुई नकल से कम नहीं था। बिना किसी रोकटोक के नकल जारी रही।

आंखें मूंदकर बैठा रहता है परीक्षा केंद्र पर उड़नदस्ता
एचआईटी परीक्षा केंद्र पर यह बात भी सामने आई है कि उड़नदस्ते को एनआईओएस की तरफ से नकल रोकने के लिए भेजा जाता है मगर उड़नदस्ते में शामिल अधिकारी एक अलग कमरे में बैठ जाते हैं और कालेज स्टाफ खुलेआम नकल कराता है। बताया जा रहा है कि इस नकल के कार्य में स्कूल के चपरासी सहित कई स्थानीय शिक्षक एवं अन्य लोग शामिल हैं।

किस तरीके से कराई जा रही है नकल
एचआईटी परीक्षा केंद्र पर विद्यार्थियों को नकल भी अलग-अलग अंदाज में कराई जाती है। किसी कमरे में बच्चों को घेरे में इकट्ठा बैठा दिया जाता है तो किसी कमरे में बोल-बोल कर तो किसी में आंसर की फोटो कॉपी पकड़ा दी जाती है। इसके बाद परीक्षार्थी अपने पेपर को पूरा करते हैं। जो विद्यार्थी नकल के लिए पैसे नहीं देता, उसको नकल करने से रोका जाता है और विद्यार्थियों द्वारा इसका विरोध करने पर उनके साथ बदतमीजी भी की जाती है।
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क्या कहते हैं जिला शिक्षा अधिकारी
इस संबंध में जब जिला शिक्षा अधिकारी सतबीर सिवाच से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और पैसे लेकर खुलेआम नकल कराई जा रही है तो वहां पर चैकिंग की गई जाएगी और कालेज के खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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