साल्हावास। क्षेत्र के गांव नौगांव में हुई पशुधन नुकसान की अभी भरपाई भी नहीं हो पाई थी कि सुंदरेहटी गांव में पिछले दस दिनों से 25 किसान पालकों को पशुधन का नुकसान हो गया है। अचानक से पशुओं के मुंह में छाले होते हैं और बुखार हो जाता है। एक से दो दिन पशु खड़े-खड़े ही जमीन पर गिर जाता है।
सोमवार को अचानक से तीन भैंस मर गईं जिसमें नरेंद्र पुत्र ब्रह्मप्रकाश एक भैंस, विक्रम पुत्र विजय सिंह एक भैंस, लीलू पहलवान पुत्र समेर सिंह की एक भैंस शामिल है। अब तक लीलू पहलवान की कुल 4 भैंस मर चुकी है। ग्रामीण बिजेंद्र ने कहा, अचानक पशुधन का नुकसान होने से निराशा छाई हुई है।
ग्रामीण कयास लगा रहे हैं कि नौगांव में थैलेरियोसिस बीमारी से पशुधन नुकसान हुआ है। अभी तक इन पशुओं के बीमार होने या डॉक्टर से किसी भी तरह की बीमारी का इलाज करने, सैंपल लेने या मृत पशुओं का पोस्टमार्टम करने की बात सामने नहीं आई है।
ग्रामीण सुरेश पल्लू, लीलू पहलवान, कमल, बिजेंद्र आदि का कहना है कि विभाग को अलर्ट रहना चाहिए। लोगों के लिए भी वैक्सीन आदि का प्रबंध करने के लिए कहा गया है। ग्रामीणों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि मृत पशुओं के लिए उचित मुआवजा दिया जाए।
इन किसानों को हुआ पशुधन नुकसान
लीलू पहलवान की 4 भैंस, प्रदीप पुत्र रामफुल की तीन, कमल पुत्र राजेंद्र की एक, नरेंद्र की एक, सूबे पुत्र गोपी की दो, विक्रम की एक, नवीन पुत्र चंद्र नंबरदार की एक, मदन पुत्र उमेद की एक, सतीश पुत्र सरजीत का एक कटड़ा, रणजीत की दो भैंस, कृष्ण की एक भैंस, अनिल जोडी वाला की दो भैंस, मायाराम की दो भैंस, पवन की अब तक 10 भेड़ मर चुकी हैं।