बहादुरगढ़। शिक्षा नियमावली 134ए के तहत बीईओ कार्यालय की ओर से बच्चों को दाखिला के लिए अलॉट किए गए पीडीएम पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल की मनमानी देखने को मिली। एक मई को स्कूल अलॉट होने के बाद से अभिभावक चिलचिलाती धूप में दाखिला के लिए प्रतिदिन चक्कर काट रहे हैं। लेकिन प्रिंसिपल बच्चों का दाखिला देने के बजाये अभिभावकों से सख्ती से पेश आ रही हैं। अभिभावकों का कहना है कि सीधे तौर पर उन्होंने बच्चों का दाखिला लेने से मना कर दिया है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों की शिकायत पर बीईओ सुनील कोहली अपनी टीम के साथ वीरवार को पीडीएम पब्लिक स्कूल पहुंचे। वह प्रिंसिपल से बात करने के लिए कमरे में गए तो प्रिंसिपल ने उनसे ठीक तरीके से बात तक नहीं की। इसके बाद वह स्कूल के मैनेजमेंट के पास पहुंचे तो उनका भी व्यवहार ठीक नहीं रहा। बीईओ ने सख्ती से मैनेजमेंट को कहा कि बच्चों के एडमिशन अपने स्कूल में करवाएं। इस पर मैनेजमेंट की ओर से साफ तौर पर मना कर दिया। इसके बाद आक्रोशित अभिभावकों ने पीडीएम स्कूल के गेट के बाहर स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
एक मई को स्कूल अलॉट होने के बाद से प्रतिदिन सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक स्कूल में एडमिशन के लिए बैठे रहते हैं। प्रिंसिपल की तरफ से पहले एडमिशन के लिए कहा गया था। मगर वीरवार को उन्होंने मना कर दिया, जिससे बच्चे की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
सावित्री, छारा गांव
बच्चे का कक्षा छह में एडमिशन कराने के लिए पीडीएम पब्लिक स्कूल अलॉट हुआ था। एडमिशन के लिए हर रोज इस तपिश में आना पड़ रहा है, लेकिन यहां कोई सुनता नहीं है। बच्चों की पढ़ाई छूट रही है।
ममता, नई बस्ती
एक मई को मेरे बेटे को पीडीएम पब्लिक स्कूल अलॉट हुआ था। हर रोज यहां चार घंटे बैठकर जाती हूं। प्रिंसिपल भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं देती। जिस वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा। रोज धूप में बच्चे को लाने से उसकी तबीयत भी बिगड़ रही है।
राजन,लाइनपार
धूप में सुबह से ही बच्चों को लेकर पीडीएम स्कूल आ जाते हैं। स्कूल की प्रिंसिपल से पूछने पर वह कोई जवाब नहीं देती हैं। जिस वजह से बच्चों की पढ़ाई में असर पड़ रहा है। ऐसा रहा तो बच्चे का भविष्य बर्बाद हो जाएगा।
सुषमा, नई बस्ती।
बीईओ ने फोन कर पीडीएम पब्लिक स्कूल में एडमिशन न लेने की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि पीडीएम ट्रस्ट का है। उसमें स्कूल मैनेजमेंट दाखिला नहीं दे रहा। इसकी जांच करवाई जाएगी। इसके बाद शिक्षा एक्ट के तहत स्कूल पर कार्रवाई की जाएगी।
तरुण पावरिया, एसडीएम, बहादुरगढ़।