चरखी दादरी। जिले में आंधी और बारिश से गेहूं की फसल में पांच से 15 प्रतिशत तक नुकसान का आकलन किया गया है। कृषि विभाग ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर हेड ऑफिस भेज दी है। रिपोर्ट में सरसों की फसल में कोई नुकसान नहीं माना जा रहा है। मामले में किसानोें का कहना है कि बारिश और आंधी से उनकी फसल को 25 से 40 फीसदी तक नुकसान पहुंचा है। इस बार गेहूं की औसत पैदावार 10.80 लाख क्विंटल तक पहुंचने की उम्मीद है। गेहूं का कुल रकबा 54100 एकड़ है। जिले के दादरी प्रथम और दादरी द्वितीय ब्लॉक के तहत आने वाले 27 गांवों में बारिश और अंधड़ से नुकसान का आकलन है। वीरवार को कृषि विभाग की तरफ से तैयार की गई रिपोर्ट में जिलेे के तराई एरिया में ज्यादा नुकसान होने की बात कही गई है। बाढड़ा ब्लॉक में इतना नुकसान नहीं माना जा रहा है।
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54100 हेक्टेयर है गेहूं का रकबा
इस समय गेहूं की फसल पककर तैयार है। किसानों ने कटाई का काम कुछ दिन पहले ही शुरू किया है। कुछ किसान मशीन से कटाई करवाते हैं तो कुछ हाथ से करते हैं। जिले में गेहूं का कुल रकबा 54100 हेक्टेयर क्षेत्र है जबकि सरसों की बिजाई का रकबा 53900 एकड़ रहा है। सरसों की कटाई और कढ़ाई का काम तो तकरीबन पूरा हो चुका है जहां सरसों खलिहान में पड़ी है। उसमें कोई नुकसान नहीं होने का आकलन है। खलिहान में पड़ी सरसों में फंगस लगने का अंदेशा जरूर बढ़ जाता है। इससे दाने की क्वालिटी पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
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रोहतक और दिल्ली रोड पर ज्यादा नुकसान
दादरी-रोहतक रोड पर पड़ने वाले गांव मिसरी, कमोद, जयश्री, मिर्च, सौंप, कासनी, लांबा गांवों में 10 से 15 प्रतिशत तक नुकसान का आकलन किया गया है। इसी प्रकार गांव ढाणी फौगाट, समसपुर, लोहरवाड़ा, मोरवाला, इमलोटा, सरूपगढ़, महराणा, सातौर, भागवी, कंहेटी, घसोला, मौड़ी, खेड़ी सनसनवाल, रामनगर, टिकान कलां सहित कुल 27 गांवों मेें कहीं पांच से 10 और कहीं 10 से 15 प्रतिशत तक गेहूं की फसल में नुकसान का आकलन है। कृषि विभाग ने इन 27 गांवों में नुकसान की रिपोर्ट हेड ऑफिस भेजी है।
गुणवत्ता में आएगी कमी, प्रभावित रहेगी कटाई
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि गेहूं की फसल बिछ जाने से अब दाने की गुणवत्ता में गिरावट आएगी। दाना सिकुड़ जाएगा उसका आकार भी छोटा हो जाएगा। दाने में उतनी चमक नहीं रहेगी। इसका औसत पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना है। बारिश की वजह से अब पांच से छह दिन कटाई और कढ़ाई का काम भी बाधित रहेगा। जहां खेतों में फसल बिछ गई है उसकी कटाई करने में भी किसानों को परेशानी होगी। बिछी हुई फसल की मशीन से कटाई संभव नहीं है।
कृषि विभाग ने 27 गांवों में गेहूं की फसल में नुकसान की रिपोर्ट तैयार की है। इन गांवों में कही पांच से 10 तो कही 10 से 15 प्रतिशत नुकसान होने का आकलन है। बारिश एवं अंधड़ से अनाज की गुणवत्ता में भी कमी आएगी। - डॉ. ईश्वर सिंह, एसडीओ
बेमौसमी बारिश से गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। सरकार को तुरंत प्रभाव से स्पेशल गिरदावारी के आदेश देने चाहिए ताकि किसानों को खराब फसल का मुआवजा मिल सके। अधिकतर गेहूं अभी खेतों में ही है। इनमें आंधी और बारिश से नुकसान हुआ है। - सुनील पहलवान, प्रदेशाध्यक्ष, किसान जनहित समिति
बुधवार को हुई बारिश से खेतों में खड़ी और काटी गई गेहूं की फसल को 25 से 40 फीसदी तक नुकसान पहुंचा है। इस बारिश का असर फसल की गुणवत्ता पर पड़ेगा। किसानों के नुकसान की भरपाई की जानी चाहिए। - शमशेर फौगाट, फौगाट खाप प्रवक्ता एवं किसान नेता
दिल्ली रोड पर बारिश की अधिक मार है। सोमवार और मंगलवार की आंधी से इतना नुकसान नहीं हुआ जितना बुधवार की बारिश से हुआ है। खेतों में 45 फीसदी तक अधिकतम नुकसान हुआ है। - कर्ण सिंह, किसान
बारिश से गेहूं की फसल में ज्यादा नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी फसल बिछ गई है जबकि काटकर पुलियों में रखी फसल भी भीग चुकी है। इस बारिश की मार गेहूं के दाने पर पड़ेगी। - शमशेर सिंह, किसान
बुधवार की बारिश से फसल में 40 फीसदी तक नुकसान हुआ है। प्रशासन को इसकी रिपोर्ट तैयार करवाकर मुआवजे के लिए सरकार को भेजनी चाहिए। किसानों के नुकसान की भरपाई होनी चाहिए। - सुनीता कुमारी, किसान जनहित समिति महिला विंग प्रदेशाध्यक्ष