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दादरी मंडी में दोपहर बाद 288 तो बाढड़ा में दो हजार क्विंटल सरसों की हुई खरीद

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी/बाढड़ा। दादरी अनाज मंडी में बुधवार दोपहर से सरसों की खरीद शुरू हो गई है। अनाज मंडी पहुंचे 15 किसानों को मार्केटिंग बोर्ड की तरफ से गेट पास जारी किए गए और शाम पांच बजे तक 288 क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद हुई। वहीं, ओपन मार्केट में बुधवार तक करीब 600 क्विंटल सरसों की खरीद की गई। बाढ़डा में भी सरसों की अच्छी आवक हुई है। एक ही दिन में करीब दो हजार क्विंटल सरसों की खरीद की गई। शाम तक मंडी के बाहर ट्रैक्टर ट्रालियों की लंबी लाइन लगी हुई थी। खरीद शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। बुधवार को हैंडलिंग एजेंट बनने के इच्छुक आढ़तियों ने अधिकारियों को शपथ पत्र भी सौंपे। वेरिफाई करने के बाद उन्हें हरी झंडी दे दी गई है। जानकारी के अनुसार मंडी के 60 आढ़ती बीसीपी बनने को तैयार हुए हैं। दादरी मंडी में चार अप्रैल को भैरवी, दातौली, डोहका मौजी, कलियाणा, खातीवास व पांच अप्रैल को सांकरोड, फौगाट, कोहलावास, नरसिंहवास और माई खुर्द के किसानों से सरसों की खरीद की जाएगी।
प्रशासन की तरफ से तीन अप्रैल के लिए सरूपगढ़, ऊण, बौंदकलां, बौंदखुर्द व रणकोली गांव के किसानों की सरसों खरीद का शेड्यूल मंगलवार शाम जारी किया था। इसके मुताबिक इन गांवों के किसान सुबह साढ़े आठ बजे ही मंडी पहुंचना शुरू हो गए। करीब तीन से चार घंटे इंतजार करने के बाद भी जब सरसों खरीद नहीं शुरू नहीं हुई तो कुछ किसानों ने ओपन मंडी में अपनी सरसों बेच दी। इन किसानों ने 3400 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल के रेट में अपनी सरसों बुधवार को बेची है। वहीं, अधिकारियों ने मंडी में सुबह के समय सरसों खरीद शुरू न होने का कारण हैंडलिंग एजेंट बनाने के लिए कागजी कार्रवाई की औपचारिकता पूरी करना बताया। दोपहर करीब दो बजे अनाज मंडी में सरसों की खरीद का कार्य शुरू किया गया। दो से साढ़े तीन बजे तक 15 किसानों को गेट पास जारी किए गए। इसके बाद इनकी फसल में नमी की मात्रा जांचकर 288 क्विंटल सरसों खरीदी गई। सरसों खरीद बुधवार से शुरू होने से अब किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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प्रदेश सरकार ने 28 मार्च से प्रदेश की सभी मंडियों में सरसों की सरकारी खरीद शुरू करने का शेड्यूल जारी किया था। दादरी मंडी में खरीद प्रक्रिया विधिवत रूप से तीन अप्रैल दोपहर दो बजे से शुरू हो पाई। इससे पहले खरीद शुरू न होने के चलते बीते पांच दिनों से किसानों को अपनी सरसों लेकर तो लौटना पड़ रहा था। करीब 30 से 40 किसान अपनी सरसों ओपन मार्केट में आढ़तियों को अब तक सस्ते दामों पर बेचकर जा चुके हैं। हालांकि आढ़तियों का कहना है कि ये वो किसान थे जिन्होंने या तो रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था या फिर उनके दस्तावेज पूरे नहीं थे।

मंडी के दोनों गेट पर लगाए कैमरे
दादरी अनाज मंडी में लगने वाली सरसों की ढेरियों से हर सीजन में चोरी के मामले सामने आते हैं। अब तक मंडी में सीसीटीवी की सुविधा नहीं थी। बुधवार को अनाज मंडी के दोनों गेट पर छह सीसीटीवी लगा दिए गए हैं। इनके जरिए मंडी से आने-जाने वाले वाहनों पर निगरानी रखी जाएगी। इन कैमरों के लिए कंट्रोल रूम भी मंडी परिसर में बनाया गया है। दादरी अनाज मंडी में अपनी सरसों लेकर पहुंचने वाले किसान अधिकारियों के कमी बताने पर लैब पर भी जांच करवा सकते हैं। अनाज मंडी में चार निजी और एक सरकारी लैब हैं। इनमें सरसों में नमी और गुणवत्ता का पता लगाया जा सकता है। मंडी सूत्रों की मानें तो निजी लैब की फीस 70से 100 रुपये है जबकि मार्केटिंग कमेटी कार्यालय की लैब सेवा निशुल्क है।

सुबह जीएम-डीएम से की आढ़तियों ने बातचीत
मंडी में बुधवार सुबह हैफेड के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। हालांकि परचेजर रामनारायण मंडी सुबह ही पहुंच गए थे लेकिन हैफेड मैनेजर का चार्ज उनके पास नहीं होने से खरीद शुरू नहीं हो पाई। इससे खफा आढ़तियों ने सुबह ही हैफेड डीएम और जीएम से फोन पर बातचीत कर उन्हें स्थिति से अवगत कराया। आढ़तियों का कहना है कि जीएम ने उन्हें दोपहर तक समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया था और इसके मुताबिक दो बजे खरीद कार्य शुरू कर दिया गया।

किसान बोले: सुबह घर से चले थे बिना अन्न खाए, इंतजार में हालत हुई पतली
मैं सुबह साढ़े सात बजे अपने गांव रूडियावास से दादरी मंडी के लिए चला था। करीब साढ़े आठ बजे मंडी पहुंच गया था। अब एक बज चुका है लेकिन सरसों खरीद शुरू नहीं हुई है। इंदराज

सरसों खरीद शुरू करने में इस बार अधिकारी बेहद ढिलाई बरत रहे हैं। इसके चलते किसानों को परेशानियां हो रही हैं। प्रशासन को जल्द से जल्द किसानों की सरसों खरीद की व्यवस्था करानी चाहिए। श्रीपाल

तीन दिनों से मैं लगातार मंडी आ रहा हूं। आज भी सुबह साढ़े नौ बजे मंडी आया और डेढ़ बज चुके हैं लेकिन सरसों खरीद शुरू नहीं हो पाई है। प्रशासन को जल्द से जल्द खरीद शुरू करानी चाहिए। ओमप्रकाश

सभी किसानों के पास खुद के ट्रैक्टर नहीं है। ज्यादातर किराये पर लाते हैं। अगर तीन-चार दिन ट्रैक्टर मंडी में खड़ा रह जाए तो किसान को चार से पांच हजार रुपये की चपत लग जाती है। विनोद

मंडी में सरसों खरीद शुरू करवा दी गई है। किसानों को किसी तरह की परेशानियां नहीं आने दी जाएगी। हैफेड और मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट आदेश दिए जा चुके हैं। अजय सिंह तोमर, उपायुक्त

मंडी में पहुंचे 15 किसानों को हमने गेट पास जारी किए। बुधवार को 288 क्विंटल सरसों दादरी मंडी में खरीदी गई है और खरीद प्रक्रिया में अब कोई अड़चन नहीं आएगी। रामकिशन, मंडी सुपरवाइजर

दादरी और बाढड़ा मंडी में आने वाले किसानों को गिरदावरी की रिपोर्ट या फर्द लाने की कोई आवश्यकता नहीं है। किसान अपनी आधार कार्ड की प्रति, मेरी फसल मेरा ब्यौरा वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर व बैंक खाते की प्रति लेकर आएं। फसल कटाई के साथ मंडी में सरसों की आवक चार-पांच दिनों के बाद और तेज होगी। किसान सुबह दस से दोपहर तीन बजे तक मंडी जरूर पहुंच जाएं। - बसंत कुमार, मार्केट कमेटी सचिव

बाढड़ा मंडी में देर शाम तक मंडी के बाहर लगी रही ट्रैक्टरों की कतार
बाढड़ा। कस्बे की अनाज मंडी में लंबे इंतजार के बाद बुधवार से सरसों की खरीद शुरू हो गई। दादरी मंडी की बजाय बाढड़ा मंडी में पहले ही दिन सरसों की बंपर आवक हुई। देर शाम तक मंडी के बाहर ट्रैक्टरों की कतारें लगी रही। पहले ही दिन मंडी में दो हजार क्विंटल सरसों खरीदी गई। वहीं, खरीद शुरू होने के बाद तहसीलदार साहबराम भी जायजा लेने पहुंचे और उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बाढड़ा मंडी में सरसों खरीद के लिए छह-छह गांवों का शेड्यूल जारी कर रखा है। इसी कड़ी में बुधवार को भी छह गांवों के किसानों की सरसों खरीद गई। सरसों खरीद के पहले दिन ही बंपर आवक होने से पूरे दिन अनाज मंडी के सामने वाहनों की कतार लगी रही। मार्केट कमेटी के कर्मचारी राजबीर ने बताया कि सरसों खरीद के पहले दिन 257 गेट पास दिए गए हैं। मंडी प्रधान हनुमान शर्मा ने बताया कि पहले दिन कस्बे के छह गांवो का शेड्यूल था और करबी दो हजार क्विंटल सरसों खरीदी गई है। वहीं, मार्केट कमेटी चेयरमैन चंद्रपाल ने भी मंडी पहुंचकर खरीद कार्य का जायजा लिया। कस्बे की अनाज मंडी में सरसों के उठान के लिए बारदाना भी समय पर नहीं पहुंचा है। मंडी प्रधान ने बताया कि बारदाना घसोला से आना है।
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पूरे दिन गुल रही मंडी की बिजली
कस्बे की अनाज मंडी में बुधवार दिनभर बिजली गुल रही। शाम तक बिजली नहीं आने से सरसों की खरीद प्रक्रिया भी थोड़ी प्रभावित हुई। बिजली गुल होने के चलते किसानों व आढ़तियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ है। आढ़ती सरसों को झार नहीं लगा पाए और घटत को लेकर किसानों और हैंडलिंग एजेंट के बीच एकबार गहमा-गहमी भी हुई।
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