अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक महिला को भ्रूण लिंग जांच करवाने के आरोप में 26 हजार रुपये के साथ काबू किया है। विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि बेरी के निजी अस्पताल में काम करने वाली एक महिला गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड करवाकर उनके गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग के बारे बताती है और इसके बदले मोटी रकम वसूलती है। इस सूचना के बाद विभाग की टीम ने बेरी की महिला माया देवी के पास एक फर्जी ग्राहक भेजकर अल्ट्रासाउंड करवाकर गर्भ में पल रहे भ्रूण लिंग के बारे में जानकारी देने के लिए कहा। उक्त महिला ने उससे 27 हजार रुपये मांगे। उसके बाद फर्जी ग्राहक बनकर कई महिला ने उसे 27 हजार रुपये दे दिए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला को पुलिस के हवाले कर दिया है। टीम ने महिला के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करवा दिया है। स्वास्थ्य विभाग को महिला के बारे में एक सप्ताह पूर्व जानकारी मिली थी। उसके बाद सोमवार से टीम ने महिला के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की और वीरवार को फर्जी ग्राहक भेज कर कार्रवाई को अंजाम दिया। विभाग की टीम के साथ सीआईए झज्जर की टीम भी साथ रही। देर शाम शहर पुलिस को भी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर बुला लिया गया था।
झज्जर के निजी अस्पताल में कराया अल्ट्रासाउंड
महिला माया को राशि मिलने के बाद वह उसे झज्जर के एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंची। वहां पर एक हजार रुपये अल्ट्रासाउंड के लिए दिए। अस्पताल की दवाई की दुकान पर दिए गए हजार रुपये में से 400 रुपये महिला को वापस दे दिये। माया ने रिपोर्ट बाद में देने की बात कह कर वह वहां से चली गई। फर्जी ग्राहक के साथ भेजा गया कर्मचारी महिला को बेरी छोड़ आया। महिला ने दोपहर को करीब सवा एक बजे अल्ट्रासाउंड करवाने के बाद शाम को करीब साढ़े चार बजे महिला ने उन्हें फोन पर बताया की उसके गर्भ में लड़का है और वह कमजोर है। विभाग की टीम ने सुबूत पुख्ता होने के बाद महिला को काबू किया और उसके कब्जे से 26 हजार रुपये बरामद किए। 500-500 के नोटों पर नंबर पहले ही विभाग की टीम ने नोट किये थे।
अल्ट्रासाउंड केंद्र पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सीएमओ डॉ. आरएस पूनिया व डिप्टी सीएमओ डॉ. राकेश कुमार की देखरेख में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। विभाग की टीम में डॉ. मनमोहन, डॉ. सरिता, डॉ. अंचल, डॉ. विनोद, डॉ. सुनीता आदि को शामिल किया गया है। विभाग की टीम महिला को लेकर निजी अस्पताल में भी पहुंची। जहां पर चिकित्सक के पास रखे नोटों की जांच की तो महिला की तरफ से दिए गए रुपये नहीं मिले। टीम ने रात के समय अल्ट्रासाउंड केंद्र का रिकार्ड खंगालना शुरू किया हुआ था।
बेरी निवासी महिला माया को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। अल्ट्रासाउंड केंद्र का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। अगर चिकित्सक की गलती मिली तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. राकेश कुमार, डिप्टी सिविल सर्जन, झज्जर।