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बैंकों पर लटके रहे ताले, उपभोक्ता दिनभर हुए परेशान

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। सरकारी बैंकों की हड़ताल की वजह से लोगों का कामकाज ठप रहा। व्यापारियों, दुकानदारों और आम लोगों को बैंक बंद होने पर परेशानी झेलनी पड़ी। दिनभर बैंकों के गेट पर ताले लटके रहे। एटीएम ने भी देर शाम तक जवाब दे दिया।
सरकारी बैंकों की हड़ताल की वजह से दिनभर लोग भटकते रहे। अधिकतर उपभोक्ताओं को हड़ताल का पता नहीं होने पर बैंकों में पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। इस समय शादियों का सीजन भी चल रहा है ऐसे में लोगों को बैंकों से पैसा नहीं मिलने पर आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। एटीएम में भी कैश नहीं मिलने पर लोग भटकते रहे। वेतन विसंगतियां दूर करवाने की मांग को लेकर बैंक कर्मचारी शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। सुबह से ही बैंकों पर ताले लटके रहे। लोग बैंकों में पहुंचे लेकिन बंद होने पर उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। शहर में एसबीआई, पीएनबी, यूनाइटेड बैंक, सेंट्रल बैंक, आंध्र बैंक, कारपोरेशन बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, कैनरा बैंक, यूनियन बैंक सहित सभी सरकारी बैंकों पर ताले लटके रहे। शहर में करीब 18 एटीएम हैं लेकिन बैंक बंद होने से ज्यादातर में कैश की किल्लत बनी रही। जिन एटीएम में पहले से राशि थी वह भी खत्म हो गई। शाम तक एटीएम में कैश की किल्लत बढ़ गई। हर माह के चौथे शनिवार को बैंक वैसे ही बंद रहते हैं। अगले दिन रविवार हो जाएगा।
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मैैंने बच्चों की स्कूल फीस जमा करवानी थी। पैसे निकलवाने के लिए बैंक में पहुंचा तो ताला लटका मिला। बैंक की हड़ताल का पता नहीं था। फीस समय पर जमा करवाना जरूरी है। - कपूर सिंह, चरखी

बैंक के जरिए पैसे की ट्रांजेक्शन करवानी थी लेकिन बैंक बंद होने पर उसे परेशानी हुई। उसका जरूरी काम नहीं हो सका। बैंक बंद रहने पर ज्यादा दिक्कत हुई। शनिवार को बैंक की छुट्टी होती है अगले दिन रविवार हो जाएगा। - रितेंद्र, दादरी

शादी में भात के लिए पैसों की जरूरत थी। बैंक से पैसे निकलवाने आया था लेकिन बैंक बंद होने पर पैसे की व्यवस्था नहीं हो सकी। 23 दिसंबर को भात की रस्म होनी है। अब लगातार बैंक बंद रहेंगे तो बड़ी मुश्किल होगी। - भोलाराम निहालगढ़ टोडी
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दुकान का माल मंगवाने के लिए संबंधित फर्म के खाते चेक जमा करवाना था ताकि माल की डिलीवरी हो सके। बैंक बंद होने पर अब माल पहुंचने में देरी होगी। जिससे उसका कारोबार प्रभावित रहेगा। - आलोक मित्तल, दादरी
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