अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। गांव घिकाड़ा में अनुसूचित वर्ग की बस्ती में रहने वाले ग्रामीणों का गुस्सा 15 एकड़ जमीन से दूषित पानी की निकासी नहीं होने पर शुक्रवार सुबह फूट पड़ा। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर समस्या को नजरअंदाज करने का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। इसके बाद मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिकारियों को ग्रामीणों ने एक सप्ताह के अंदर समस्या का समाधान न होने पर गांव से पलायन करने और मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने जल्द की समस्या का समाधान कराने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया है।
अनुसूचित वर्ग की बस्ती में रहने वाले ग्रामीण सुबह दस बजे एकत्र हुए। उन्होंने पंचायत की करीब 15 एकड़ भूमि से दूषित पानी की निकासी की समस्या पर नारेबाजी कर रोष जताया। ग्रामीणों ने बताया कि वे बार-बार इस समस्या के समाधान की मांग उठा चुके हैं लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। इस दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी भी दी कि अगर उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे मुख्यमंत्री आवास के सामने प्रदर्शन करेंगे और इसके लिए वे गांव से पलायन करने में भी गुरेज नहीं करेंगे। इस दौरान ग्रामीणों के प्रदर्शन और गुस्से की भनक लगने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि एक सप्ताह में दूषित पानी से निजात दिलाने के पुख्ता प्रबंधक कर दिए जाएंगे।
सिंचाई विभाग के एसडीओ वेदपाल और उनकी टीम को अपनी व्यथा सुनाकर कहा कि उनके क्षेत्र में कई माह से जलभराव होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण सरिता, कमला देवी, जय सिंह, विनोद व अशोक ने बताया कि उनकी कालोनी के चारों तरफ जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई बार तो उनके घरों में भी दूषित पानी घुस जाता है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरपंच सोमेश सहित संबंधित विभाग के आला अधिकारियों से भी मिलकर गुहार लगा चुके हैं।
मरी मछलियों से दुर्गंधमय है वातावरण
ग्रामीणों ने बताया कि गंदे पानी में मरी हुई मछलियां भी है जिससे वातावरण दुर्गंधमय बना हुआ है। ग्रामीणों ने अधिकारियों पर आरोप लगाए कि बार-बार समस्या से अवगत कराने के बाद भी अब तक कोई समाधान नहीं किया गया। अब हारकर उन्होंने यहां से पलायन कर मुख्यमंत्री के निवास पर डेरा डालने का निर्णय लिया है। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन व विभाग की होगी। सरपंच सोमेश ने कहा कि जलभराव से निजात दिलाने के लिए विभाग अधिकारियों को पत्र लिखा गया था। लेकिन समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने पलायन करने की बात कही है। ऐसे में सरकार व प्रशासन को संज्ञान लेकर जल्द समस्या का समाधान करना चाहिए। मुख्यमंत्री और कृषिमंत्री की सहमति मिलने के बाद भी गली निर्माण के एस्टिमेट धूल फांक रहे हैं।
कालोनी के चारों तरफ जलभराव का मुआयना किया गया है। जल्द ही यहां मोटरें लगाकर पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध कर दिए जाएंगे। ग्रामीणों को हमने आश्वस्त कर दिया है। - वेदपाल सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग