चरखी दादरी। चार नवंबर को सीएम मनोहर लाल के आगमन पर भाजपा पदाधिकारी सौगातों की बौछारों का दावा कर रहे हैं लेकिन जिले की कुछ मांगें ऐसी हैं जो पहले भी सीएम तक लोग और अधिकारी पहुंचा चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर है। नगर आगमन पर दोबारा से लोगों को इन मांगों के परवान चढ़ने की उम्मीद बनी है। शहर के पांच प्रोजेक्ट ऐसे हैं जो विकास और आमजन की सुविधाओं के लिहाज ये जरूरी हैं लेकिन इन पर कार्रवाई उतनी तेज गति से नहीं चल रही। इस समय जहां जिला मुख्यालय के मुताबिक विभाग नहीं स्थापित हो सके हैं तो वहीं इनके मंजूर पद भी ठंडे बस्ते में पड़ी है। राष्ट्रीय स्तर के खेल स्टेडियम का मुद्दा सामाजिक संगठनों, खिलाड़ियों व आमजन ने जोरशोर से उठाकर सीएम को करीब आठ माह पहले रोहतक में ज्ञापन सौंपा था। उस समय सीएम का सकारात्मक आश्वासन मिला भी था, लेकिन इसके बाद से मामला अटका पड़ा है। शहर की सीवर और पेयजल व्यवस्था के नवीनीकरण के साथ कुछ प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिनके पूरा होने पर जिला मुख्यालय को एक अलग लुक मिलेगी। वहीं, सीएम तक मामला पहुंचने के बाद भी समाधान नहीं होने पर लोग चार नवंबर को सीएम को दोबारा ज्ञापन सौंपने की प्लानिंग किए हैं।
ये प्रोजेक्ट जो लंबे समय से नहीं चढ़े परवान
प्रोजेक्ट: 1- 60 से अधिक ज्ञापन सौंप चुके संगठन, स्टेडियम निर्माण की प्रक्रिया नहीं हुई शुरू
जिले में 10 से अधिक अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं लेकिन जिला मुख्यालय पर स्टेडियम तक की व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में सामाजिक संगठनों ने मुहिम भी चलाई थी। मुहिम के तहत 60 ज्ञापन जिला प्रशासन के मार्फत मुख्यमंत्री को भेजे थे जबकि अग्रवाल सभा व बाबा स्वामी दयाल सेवा संघ ने रोहतक पहुंचकर करीब आठ माह पहले सीएम को ज्ञापन सौंपा था। उस समय मुख्यमंत्री ने इस पर सकारात्मक आश्वासन दिया था। इसके बाद से ही स्टेडियम निर्माण प्रक्रिया की फाइल आगे नहीं बढ़ पाई।
प्रोजेक्ट: 2- अंडरपास निर्माण कार्य शुरू नहीं पर लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी
गांधी नगर सी-34 फाटक पर अंडरपास निर्माण की मांग करीब दो सालों से सीएम आगमन पर लोग हर बार उठा रहे हैं। इस संबंध में सीएम को व्यक्तिगत तौर पर दो और जिला प्रशासन की मार्फत आधा दर्जन ज्ञापन भिजवाए जा चुके हैं। इसके बाद भी अब तक अंडरपास निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ है। सूत्रों की मानें तो गांधी नगर के लोग इस मांग को एक बार सीएम के संज्ञान में लाएंगे। करीब दस दिन पहले ही लोगों ने 11 नवंबर तक अंडरपास निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है।
प्रोजेक्ट: 3- लघु सचिवालय की जमीन नहीं हो पाई फाइनल, किराये के भवनों में चल रहें विभाग
चरखी दादरी को जिला बने दो साल हो चुके हैं। सभी विभागों के दफ्तर स्थापित नहीं होने से आमजन परेशान हैं। करीब 60 फीसदी विभागों के कार्यालय अब तक नहीं खुले हैं जो 40 फीसदी विभागों के कार्यालय जिला मुख्यालय पर स्थापित किए हैं वो अलग-अलग जगहों पर किराये के भवनों में चल रहे हैं। आरटीए विभाग का कार्यालय तो हाल ही में मेजबान चौक से रावलधी-समसपुर बाईपास पर किराये की बिल्डिंग लेकर शिफ्ट किया गया है। लोग अब सरकार से जल्द से जल्द सभी विभागों की मंजूर पदों के कार्यालय खुलवाने की उम्मीद कर रहे हैं।
प्रोजक्ट: 4- शहर को तीसरे जलघर की जरूरत
इस समय शहर में जो दो जलघर हैं वो पेयजल आपूर्ति के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं। शहर के पार्षद इस मांग को प्रमुखता से उठाकर सरकार को ज्ञापन भी सौंप चुके हैं। भाजपा पदाधिकारियों ने बताया कि इस मांग को पार्टी के घोषणा पत्र में भी शामिल किया गया है। इस समय शहर में एक दिन छोड़कर पेयजल सप्लाई की जा रही है और जलघरों की स्टोरेज क्षमता भी काफी कम है। पार्षद भी शहर की पेयजल क्षमता बढ़ाने के लिए तीसरा जलघर बनवाने की मांग कर चुके हैं। जिला प्रशासन भी सीएम के सामने पेयजल क्षमता बढ़ाने की डिमांड रखेगा।
सीएम को सौंपने के लिए हमने मांगपत्र तैयार कर रखा है। इसमें शहर की सीवर व पेयजल लाइनों सहित पेयजल क्षमता बढ़ाने की मांग भी शामिल है। सीएम कई सौगातें जिले को देकर जाएंगे। रामकिशन शर्मा, जिला अध्यक्ष
सीएम मनोहर लाल ने पहले भी जिले को कई सौगातें दी हैं और इस बार भी दादरी और बाढड़ा विस क्षेत्र की मांगों को प्रमुखता से उनके सामने रखकर हम पूरा कराने का प्रयास करेंगे। सीएम कई सौगत जिले को देकर जाएंगे। सुखविंद्र मांढ़ी, विधायक बाढड़ा