बहादुरगढ़। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के दसवीं कक्षा के नतीजों में शहर के जय भारत हाई स्कूल की दो छात्राओं ने टॉप टेन में नाम दर्ज कराया। प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल करने वाली छात्रा कशिश जहां सीए बनना चाहती है। वहीं दसवां स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा दीपशिखा का लक्ष्य आईएएस बनकर देश की सेवा करना है। दोनों ही छात्राएं परिणाम से बेहद खुश हैं। स्कूल में छात्राओं का स्वागत किया गया।
सीए बनना है लक्ष्य : कशिश
नई बस्ती निवासी छात्रा कशिश ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि दसवीं कक्षा में अव्वल आने के लिए उन्होंने जी तोड़ मेहनत की और यह मुकाम हासिल कर लिया है। इससे वह बेहद खुश है। उसका लक्ष्य सीए बनना है। कशिश ने कहा कि वे अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान देती थी। स्कूल से घर पहुंचने के बाद अतिरिक्त समय पढ़ाई में लगाती थी। गणित और विज्ञान की पढ़ाई के लिए इंटरनेट का प्रयोग करती थी। कशिश की माता गीतिका जहां गृहिणी हैं। वहीं पापा नरेश कुमार स्टेशनरी की शॉप चलाते हैं। परिवार में एक भाई और एक बहन है। वह सबसे बड़ी है। भाई सबसे छोटा है। कशिश के अनुसार विद्यार्थी को अपना लक्ष्य सबसे पहले तय करना चाहिए और उसके अनुसार पढ़ाई करनी चाहिए। लक्ष्य तय करके ही मुकाम हासिल किया जा सकता है। कशिश ने 493 अंक हासिल करके प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया है। कशिश के माता-पिता को अपने पुत्री पर बेहद गर्व है। छात्रा कशिश का कहना है कि इसके लिए वह अपने माता-पिता और अध्यापकों का धन्यवाद करती है। उनसे ही लगातार पढ़ने की प्रेरणा मिली है।
आईएएस बनकर देश की सेवा करना लक्ष्य : दीपशिखा
वहीं इसी स्कूल की छात्रा दीपशिखा ने प्रदेश में दसवां स्थान हासिल किया है। दीपशिखा का लक्ष्य आईएएस बनकर देश की सेवा करना है। इसके लिए वह भरसक प्रयास करेगी। दीपशिखा ने 24 घंटे में से 17 घंटे पढ़कर यह मुकाम पाया है। दीपशिखा का कहना है कि वह स्कूल से छुट्टी होने के बाद घर पर साढ़े तीन बजे से रात 10 बजे तक पढ़ती थी और सुबह उठकर 5 बजे फिर पढ़ाई शुरू कर देती थी। दीपशिखा को घर से भी पढने में काफी मदद मिली है। छात्रा दीपशिखा की माता कविता घर पर ही अन्य विद्यार्थियों को ट्यूशन पढ़ाती है। दीपशिखा की मा के अनुसार घर में अन्य बच्चों को पढ़ता देख दीपशिखा भी पढने लग जाती थी। दीपशिखा के पिता अश्वनी कुमार गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। दीपशिखा ने 488 अंकों के साथ प्रदेश में दसवां स्थान हासिल किया है। दोनों छात्राओं का स्कूल में जोरदार स्वागत किया और उन्हें मिठाई खिलाई गई। स्कूल प्रबंधक संदीप कुमार, सुशीला खत्री ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।