चरखी दादरी। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अजय सिंह तोमर ने कहा है कि लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार यदि निर्वाचन आयोग की तय सीमा से अधिक राशि खर्च करता है तो जीत के बावजूद उसका परिणाम रद्द किया जा सकता है। चुनाव खर्च पर निर्वाचन आयोग की पूरी निगरानी होगी और इसके लिए आधा दर्जन से अधिक टीमें गठित की गई हैं।
शुक्रवार को अपने कार्यालय में चुनाव खर्च निगरानी समिति की बैठक लेते हुए उपायुक्त ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एक उम्मीदवार लोकसभा चुनाव में 70 लाख रुपए तक की राशि ही खर्च कर सकता है। भिवानी-महेेंद्रगढ़ संसदीय क्षेत्र में दादरी जिला की बाढड़ा व दादरी विधानसभा क्षेत्र में चुनावी खर्च का हिसाब-किताब रखने के लिए टीमें बना दी गई हैं।
उन्होंने बताया कि ये टीमें चुनाव के दौरान खर्च पर निगाह रखने वाले ऑब्जर्वर के निर्देशानुसार कार्य करेंगी। दादरी और भिवानी में इस कार्य के लिए आबकारी एवं कराधान आयुक्त डॉ. लक्ष्मीनारायण को नोडल ऑफिसर बनाया गया है। उनके अलावा छह अधिकारी विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी खर्च का हिसाब रखेंगे। चुनावी प्रक्रिया के दौरान तीन बार उम्मीदवार कार्यालय में आकर अपने खर्च का ब्योरा प्रस्तुत करेंगे। इसका एक शेडो रजिस्टर नोडल अधिकारी अपने पास रखेंगे जिससे मिलान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चुनावी खर्च के लिए गठित टीमें उम्मीदवारों की प्रचार-प्रसार सामग्री, जनसभा के दौरान लगने वाले पांडाल व कुर्सी आदि की वीडियोग्राफी के माध्यम से खर्च का आंकलन किया जाएगा। इसको उम्मीदवार द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले खर्च से मिलान किया जाएगा।