अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। बहादुरगढ़ में स्वाइन फ्लू के दो मरीज मिलने के बाद झज्जर में भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। मरीज को प्राथमिक तौर पर तो झज्जर व बहादुरगढ़ के अस्पतालों में उपचार मिल जाएगा। लेकिन उसे वेंटिलेटर की आवश्यकता पड़ी तो वह जिले के सरकारी अस्पतालों में नहीं मिलेगी। ऐसी स्थिति में मरीज
को रोहतक पीजीआई रेफर किया जाएगा या फिर किसी निजी अस्पताल से संपर्क करने होंगे। हालांकि फिलहाल विभाग की तरफ से इस सुविधा के लिए किसी निजी अस्पताल से अनुबंध तक नहीं किया गया है। विभाग के अधिकारी केवल यह कह रहे हैं कि निजी अस्पताल से वेंटिलेटर के लिए सहयोग लिया जा सकता है। उसका खर्च मरीज वहन करेगा या फिर विभाग की तरफ से दिया जाएगा इसके बारे में तो विभाग के अधिकारी भी नहीं बता पा रहे हैं।
अभी ये है बचाव के लिए विभाग की तैयारी
जिले के दोनों अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बना दिए गए हैं। चिकित्सकों की टीम भी बना दी गई हैं। इसके अलावा स्वाइन फ्लू के बचाव के लिए दवाईयां भी मंगवाई गई हैं। ताकि मरीज का इलाज किया जा सके। अगर मरीज को वेंटिलेटर की आवश्यकता पड़ी तो उसे रोहतक पीजीआई का रास्ता दिखाया जा सकता है। जिले में
बहादुरगढ़ क्षेत्र के दो स्वाइन फ्लू के पॉजिटिव मरीज मिले हैं।
स्वाइन फ्लू के लक्षण और बचाव
फीजिशियन विभाग के एमडी डॉ. संजीव हसीजा ने बताया कि नाक का लगातार बहना, छींक आना, कफ, कोल्ड और लगातार खांसी आना, मांसपेशियों में दर्द या अकड़न, सिर में जोरदार दर्द होना, नींद न आना, ज्यादा थकान, दवाई खाने पर भी बुखार का लगातार बढ़ना और गले में खराश का लगातार बढ़ते रहने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे में इसे नियंत्रित करने के लिए मरीज को आराम करना चाहिए, खूब पानी पीना चाहिए, शरीर में पानी की कमी न होने दें। शुरुआत में पैरासीटामोल जैसी दवाएं बुखार कम करने के लिए दी जाती हैं। बीमारी के बढ़ने पर एंटी वायरल दवा ओसेल्टामिविर (टैमी फ्लू) और जानामीविर (रेलेंजा) जैसी दवाएं स्वाइन फ्लू के इलाज के लिए दी जाती हैं।
आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। झज्जर और बहादुरगढ़ में वेंटिलेंटर की सुविधा नहीं है। मरीज को रोहतक पीजीआई रेफर किया जाएगा। निजी अस्पताल से वेंटिलेटर की सुविधा के लिए सहयोग लिया जा सकता है। लेकिन इसका खर्च विभाग वहन करेगा या मरीज इसके बारे में विभाग की कोई गाइड लाइन नहीं है।
डॉ. कुलदीप सिंह, डीएमओ, झज्जर।