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फर्र्जी बिलों के आधार पर सरपंच ने कर दी वाटर कूलर, आरओ और स्ट्रीट लाइटों की पेमेंट

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अमर उजाला ब्यूरो
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बौंदकलां। गांव बौंदखुर्द के सरपंच द्वारा फर्जी बिलों के आधार पर वाटर कूलर, आरओ व स्ट्रीट लाइटों की खरीद व रिपेयर करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में गांव निवासी अमरजीत सिंह ने सीएम विंडो व अतिरिक्त उपायुक्त को शिकायत थी। इसकी जांच खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ने की तो कई अनियमितताएं उजागर हुई, जिसके बाद पंचायत अधिकारी ने सरपंच और ग्राम सचिव पर कार्रवाई की सिफारिश करते हुए डीसी को पत्र लिख दिया है। पत्र क्रमांक 3342 मुताबिक बीडीपीओ ने जांच रिपोर्ट सौंपकर डीसी से दोनों पर कार्रवाई की सिफारिश की है।
गांव बौंद खुर्द निवासी अमरजीत सिंह ने सीएम विंडो व अतिरिक्त उपायुक्त चरखी दादरी को दी गई शिकायत में आरोप लगाया था कि सरपंच व ग्राम सचिव द्वारा बाजार कीमतों से अधिक कीमत पर वाटर कूलर, स्ट्रीट लाइटों की खरीद करके साढ़े तीन लाख रुपये का गबन किया गया है। शिकायत की जांच बीडीपीओ कार्यालय को सौंपी गई। इस संदर्भ में सरपंच, ग्राम सचिव को शिकायत के रिकॉर्ड सहित जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया था लेकिन सरपंच व ग्राम सचिव द्वारा पत्र प्राप्त करने के बाद भी जांच में हाजिर नहीं हुए और न ही उन्होंने शिकायत से संबंधित रिकार्ड खंड कार्यालय में प्रस्तुत किया। जांच के दौरान सरपंच द्वारा गांव में लगाए गए वाटर कूलर, आरओ, नई स्ट्रीट लाइटों व स्ट्रीट लाइट रिपेयर का बिल व कुटेशन की प्रति इस कार्यालय में दी गई। जो कुटेशन खंड कार्यालय में दी गई है वो सरपंच द्वारा स्वीकृत या अस्वीकृत नहीं की गई। इसमें 16 स्ट्रीट लाइट खरीद व 3ं7 स्ट्रीट लाइटों की रिपेयरिंग दिखाई गई है जिसमें स्पष्ट नहीं है कि किन लाइटों की रिपेयरिंग करवाई गई है। वाटर कूलरों व आरओ की खरीद कीमत 2 लाख 20 हजार रुपये दिखाई गई है। बिल के मुताबिक यह स्पष्ट नहीं है कि वाटर कूलर, आरओ व स्ट्रीट लाइट किस कंपनी की लगवाई गई हैं। अधिकारियों ने सरपंच को वाटर कूलर, आरओ व स्ट्रीट लाइटों का मौका दिखाने के लिए कहा गया लेकिन सरपंच द्वारा मौका दिखाने में कोई सहयोग नहीं किया गया।
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गलत है जांच रिपोर्ट, डीसी के सामने रख चुका अपना पक्ष : सरपंच
बौंद खुर्द सरपंच राधेश्याम ने बताया कि उन पर जो आरोप लगाए गए हैं वो बेबुनियाद हैं। जांच में शामिल होने की सूचना उन्हें केवल एक बार दी गई थी और उस दिन वो किसी काम से बाहर था। ये जो जांच रिपोर्ट तैयार की गई है वो गलत है। मैं डीसी साहब के सामने अपना पक्ष रख चुका हूं।
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