अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
शहर के राजकीय स्नातकोतर नेहरू महाविद्यालय के प्रोफेसरों ने शिक्षक दिवस पर सातवें वेतन आयोग के तहत यूजीसी वेतनमान लागू करने तथा अन्य मांगों को लेकर दिल्ली में जंतर मंतर पर धरना दिया और जेल भरो आंदोलन के तहत संसद मार्ग थाने में सामूहिक गिरफ्तारी दी है।
इस आंदोलन में अखिल भारतीय विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालय शिक्षक संगठन के आह्वान पर देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों के शिक्षकों ने भाग लिया। प्राध्यापकों की मांगों का रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी समर्थन किया।
नेहरू कॉलेज से हरियाणा राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ के प्रधान धनपत सिंह, सचिव डॉ. अमित भारद्वाज सहित वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. डीपी शर्मा, डॉ. एसजेडएच नकवी, डॉ. जसबीर कौर, डॉ. रवि किरण मदान, डॉ. जगदीश राहड़, डॉ. प्रताप फलसवाल, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. अजय कुमार, सुरीला तथा संजीव कुमार ने प्रदर्शन में भाग लिया।
स्थानीय इकाई के प्रधान धनपत सिंह ने बताया कि महाविद्यालय शिक्षकों की प्रमुख मांगों में 7वें वेतन आयोग के तहत यूजीसी वेतनमान लागू करना, प्रमोशन के लिए एपीआई को पूरी तरह समाप्त करना, नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त करके पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करना, छठे वेतन आयोग की विसंगतियां दूर करना, शिक्षा के फंड में अनावश्यक कटौती पर रोक लगाना और जीडीपी का न्यूनतम छह प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करना, शिक्षकों के सभी खाली पदों पर शीघ्र स्थायी नियुक्ति करना, अस्थाई शिक्षकों के वेतनमान तथा सेवा शर्तें निर्धारित करना, हिपा, हीरा जैसी संस्थाओं के गठन का प्रस्ताव वापिस लेना और यूजीसी तथा एआईसीटीई को सुदृढ़ करना शामिल हैं।
प्रधान ने बताया कि महाविद्यालयों के शिक्षक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई ठोस परिणाम नहीं मिले हैं। अब अखिल भारतीय विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालय शिक्षक संघ के आह्वान पर पूरे देश के शिक्षक आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं।