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खुलकर सामने आया कांग्रेस पार्षदों में टकराव

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
नगर परिषद में कांग्रेस पार्षदों में टकराव खुलकर सामने आ गया है। तीन नगर पार्षदों ने नगर परिषद की कार्रवाई पुस्तिका में मनमाने तरीके से फर्जी तथ्य दर्ज करने का आरोप लगाया है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी नाराजगी जाहिर की है। इस मामले में आरोप लगाने वाले और आरोपी दोनों ही पक्ष कांग्रेसी हैं।
नगर पार्षदों नीना राठी, गुरदेव राठी व सीमा राठी का आरोप है कि गत 28 जुलाई की बैठक में 15 पार्षदों ने कुछ बिंदुओं पर लिखित में आपत्ति दर्ज करवाई थी। लेकिन कार्यवाही पुस्तिका में महज सात-आठ पार्षदों की आपत्ति दर्ज की गई है। इतना ही नहीं मनोनीत तीन पार्षदों के शपथ लेते ही प्रधान शीला राठी व विधायक नरेश कौशिक बैठक खत्म कर बाहर चले गए। जबकि कार्रवाई पुस्तिका में फर्जीवाड़ा करते हुए इन तीनों समेत 12 पार्षदों द्वारा वॉकआउट कर बाहर चले जाने की झूठी बात लिख दी। पत्रकारों द्वारा भविष्य में अविश्वास प्रस्ताव जैसी किसी स्थिति के बारे में पूछे जाने पर तीनों कांग्रेसी पार्षदों ने कहा कि सांसद दीपेंद्र हुड्डा के आदेशानुसार हम प्रधान बनाने वाले थे, हटाने का काम हम नहीं करेंगे। लेकिन गलत काम का विरोध करने से वे पीछे नहीं हटेंगे।
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नहीं दे रहे कॉपी
प्रेसवार्ता में पार्षद गुरदेव राठी, नीना राठी व सीमा राठी ने बताया कि लिखित में आवेदन देने के बाद भी अब तक उन्हें 11 जनवरी, 27 अप्रैल और 28 जुलाई की बैठक की कार्रवाई पुस्तिका की कॉपी उपलब्ध नहीं करवाई गई। परिषद सचिव मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली बैठक में भी उनके समेत 15 पार्षदों ने अनेक मुद्दों पर अपनी लिखित आपत्ति नगर परिषद सचिव और कार्यालय में अलग-अलग दर्ज करवाई थी। लेकिन केवल सात-आठ पार्षदों की ही आपत्ति दर्ज की गई। बैठक में 28 निर्वाचित और 3 मनोनीत पार्षदों के अलावा विधायक नरेश कौशिक मौजूद थे। लेकिन कार्यवाही पुस्तिका में 34 की उपस्थिति दर्ज की गई है।

गुरुदेव राठी बोले
पार्षद गुरदेव राठी ने बताया कि एक्ट के अनुसार किसी भी बैठक में किसी भी मुद्दे पर मनोनीत पार्षदों को वोट का अधिकार नहीं है। ऐसे में 28 पार्षद और एक विधायक में से 15 की लिखित आपत्ति के बाद प्रस्ताव खारिज हो जाना चाहिए था। लेकिन 15 में से केवल 7-8 का एतराज लिखकर फर्जी तरीके से पिछली बैठक की पुष्टि कर दी गई। जबकि विधायक और प्रधान शपथ के बाद बैठक खत्म कर चले गए थे। इन पार्षदों ने उसके बाद एक शिकायत नगर परिषद कार्यालय में दर्ज करवाई थी कि एजेंडे में दो मुद्दों के बाद कोई चर्चा नहीं हुई।
पूर्व सीएम और सांसद को करेंगे शिकायत : नीना
पार्षद नीना राठी ने कहा कि कार्रवाई पुस्तिका में उनके नाम से लिख दिया गया कि 66 फुटा रोड वार्ड-30 में नहीं है। जबकि सच्चाई ये है कि वह गत दो साल से इस सड़क के निर्माण के लिए संघर्षरत हैं। लेकिन चेयरपर्सन शीला राठी ने चार्ज संभालते ही इसका टेंडर रद्द कर दिया था। तीन बार टेंडर रद्द होने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और इस सड़क का निर्माण शुरू करवाया। लेकिन कुछ लोगों ने इसमें भी अड़ंगा डालने में कसर नहीं छोड़ी। उनकी मांग है कि सड़क पर अवरोधक बने बिजली के खंभे व ट्रांसफार्मर और अवैध कब्जे हटवाने के बाद सड़क निर्माण का काम पूरा किया जाए। प्रेस वार्ता में तीनों पार्षदों ने कहा कि प्रोसिडिंग बुक में धांधली की शिकायत वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा व सांसद दीपेंद्र हुड्डा से की जाएगी।
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सभी आरोप निराधार
कुछ नगर पार्षद निराधार बात कर रहे हैं। परिषद की पिछली बैठक में अगर 15 पार्षदों ने एतराज जताया था तो मंगलवार को हुई प्रेस वार्ता में तीन पार्षदों के साथ बाकी 12 नगर पार्षद क्यों नहीं आए। दरअसल, शहर के सभी वार्डों में बराबर विकास कार्य हो रहे हैं। लेकिन कुछ लोगों को विकास कार्य सुचारु रूप से चलना अच्छा नहीं लगता।
- शीला राठी, चेयरपर्सन नगर परिषद बहादुरगढ़।

- कार्रवाई पुस्तिका में मनमानी से भड़के पार्षद
- पिछली बैठक में 15 के बजाय सात के ही दर्ज किए एतराज
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