फोटो-52: डीएमआरसी की निर्माण साइट पर लगाए गए बैरिकेड्स। स्त्रोत डीएमआरसी
बहादुरगढ़। मेट्रो के निर्माणाधीन स्थलों के आसपास 20 किलोमीटर लंबी बैरिकेडिंग की गई है ताकि सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षित आवाजाही बनी रहे। सर्दियों में कम दृश्यता को ध्यान में रखते हुए बैरिकेड्स को अधिक स्पष्ट बनाने के लिए लगभग 17 किलोमीटर एलईडी रोप लाइट और ब्लिंकर लगाए गए हैं।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के प्रधान अधिशासी निदेशक (कॉरपोरेट कम्युनिकेशन) अनुज दयाल ने बताया कि निर्माण स्थलों के निकट 270 से अधिक प्रशिक्षित ट्रैफिक मार्शल चौबीसों घंटे तैनात हैं जो वाहनों की सुचारु और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करते हैं।
रात्रि के समय भारी मशीनरी और क्रेनों की आवाजाही में इनकी भूमिका विशेष रूप से अहम रहती है। संवेदनशील स्थानों पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए रोड स्टड्स लगाए गए हैं और कार्य प्रगति या मार्ग परिवर्तन की जानकारी देने के लिए पर्याप्त वार्निंग साइन भी लगाए गए हैं।
फेज-4 के तहत भारी मशीनरी और क्रेनों की तैनाती के दौरान सुरक्षा के लिए विशेष ‘इम्पैक्ट प्रोटेक्शन वाहन’ भी शुरू किए गए हैं जो तेज गति से आने वाले वाहनों की टक्कर के प्रभाव को सहन करने में सक्षम हैं।
अनुज दयाल ने कहा कि कोहरे और कम दृश्यता की स्थिति से निपटने के लिए बैरिकेड्स पर एलईडी लाइट, ब्लिंकर और फॉग लाइट्स लगाई जाती हैं। श्रमिकों की हाई-विजिबिलिटी जैकेट और हेलमेट पर रिफ्लेक्टिव टेप अनिवार्य किए गए हैं।
जहां भी सड़क डायवर्जन किए जाते हैं वहां दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के परामर्श से योजना बनाकर पर्याप्त डायवर्जन बोर्ड लगाए जाते हैं। डीएमआरसी ने निविदा दस्तावेजों में ट्रैफिक प्रबंधन से संबंधित अलग अध्याय शामिल कर इन मानकों को ठेकेदारों के लिए बाध्यकारी बनाया है।