अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। गांव कानोंदा में जमीन को लेकर जमींदार और प्लॉट धारकों के बीच चल रहा विवाद थाने में नहीं सुलझ सका। दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े रहे। पीड़ित प्लॉट धारकों ने पुलिस पर कार्रवाई न करने के भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस से इस मामले में कोई मदद नहीं मिली, अब वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। करीब छह वर्ष पुराने जमीन संबंधी विवाद में गत रविवार को प्लॉट धारकों ने सदर थाने में शिकायत दी थी। तब पुलिस ने जमींदार भाइयों को बुलाया तो उन्होंने तीन दिन की मोहलत मांगी थी। मोहलत पूरी होने के बाद वीरवार की दोपहर बाद दोनों पक्ष फिर से थाने पहुंचे। देर शाम तक पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत होती रही, लेकिन सुलह नहीं हुई। जमींदार अपनी बात पर अड़े रहे। बोले कि डीलर पर उनका रुपये बकाया हैं। पूरे रुपयों के बिना प्लॉट कैसे दें। यदि धारक 2500 प्रति गज के हिसाब से और रुपये देते हैं तो प्लॉट दे देंगे। वहीं धारकों ने कहा कि वे पूरी राशि जमा करा चुके हैं। दरअसल, दिल्ली निवासी डीलर विजय कुमार ने वर्ष-2013 में गांव कानोंदा के दो जमींदार भाइयों के साथ मिलकर कॉलोनी काटी थी। विजय के संपर्क में आए दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 70 से 80 लोगों ने अपने प्लॉट बुक कराए। रुपये भी पूरे जमा करा दिए लेकिन प्लॉटों की रजिस्ट्री नहीं हुई। कुछ समय इंतजार करने के बाद प्लॉट धारकों ने डीलर से संपर्क तो इन्हें थोड़ा और समय दिया गया। उसके बाद डीलर विजय कुमार की मौत हो गई। तब ये यह मामला अटका हुआ है। धारकों को उनके प्लॉट नहीं मिल पाए हैं।
लोग बोले, शिकायत देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
थाने में पहुंचे कैलाशचंद ने कहा कि हम सभी लोग मेहनत-मजदूरी करने वाले हैं। पाई-पाई इकट्ठा कर उन्होंने प्लॉट लिया, लेकिन अब जमींदार उनका हक नहीं दे रहे। लंबे समय से उनको टरका रहे हैं, धमकी भी देते हैं। न्याय के लिए उन्होंने सदर थाने में लिखित में शिकायत दी। जमीन संबंधी तमाम दस्तावेज भी दिए, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब वे अपने प्लॉटों के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। वहीं इस बारे में सदर थाना के एसएचओ सज्जन सिंह ने बताया कि मामला जमीन से जुड़ा है। दोनों पक्ष थाने आए थे। इनके बीच बातचीत भी हुई लेकिन दोनों पक्ष कोर्ट में फैसला कराने की बात कहकर चले गए।