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कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश का झज्जर में नहीं दिखाई दिया कोई खास असर

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अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर। अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में विभिन्न विभागों के करीब 1100 कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लिया। लेकिन कार्यालयों के कामकाज पर कोई खास असर नहीं पड़ा। सामूहिक अवकाश लेने वाले कर्मचारियों में शिक्षा विभाग, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, बिजली निगम, हुडा व आंगनबाड़ी वर्कर सामूहिक अवकाश पर रहे। इनके अलावा रोडवेज, एनएचएम एसोसिएशन के कर्मचारी पहले ही हड़ताल चल रहे हैं। रोडवेज के करीब 500 कर्मचारी कई दिनों से हड़ताल पर चल रहे हैं। रोडवेज के कर्मचारी किलोमीटर योजना के तहत चलाई जाने वाली 720 बसों के
विरोध में हड़ताल कर रहे हैं।

पं. श्रीराम शर्मा पार्क में भूख हड़ताल शुरू
रोडवेज कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल शुरू करा दी है। सर्व कर्मचारी संघ के नेताओं सहित 11 कर्मचारी भूख हड़ताल पर चल रहे हैं। धरना स्थल पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने रोडवेज कर्मचारियों का समर्थन करते हुए उन्हें संबोधित किया और सरकार विरोधी नारे भी लगाए।
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प्राइवेट चालकों और होमगार्ड के जवानों के सहारे 118 बसें चलाई
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान परिवहन विभाग प्राइवेट चालकों और होमगार्ड के जवानों के सहारे जिला में विभाग की तरफ से 118 बसें चलाई गई हैं। शुक्रवार को झज्जर में 76 और बहादुरगढ़ में 42 बसें चलाई गई हैं। विभाग ने प्राईवेट ठेकेदार से रोडवेज की बसें चलाने के लिए 110 चालक और परिचालकों के स्थान पर 99 होमगार्ड के जवान लगाए हैं। इनके सहारे ही रोडवेज की बसों को लोकल रूटों पर भेजा जा रहा है। हालांकि अभी तक लंबें रूटों पर बसों को नहीं भेजा गया है। वहीं जिला में 139 प्राईवेट बसें भी चल रही हैं। जबकि करीब 505 रोडवेज कर्मी हड़ताल पर चल रहे हैं। जबकि 61 कर्मचारियों को एस्मा के तहत निलंबित किया जा चुका है।
-खाली दौड़ रही रोडवेज की बसें
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान बेशक प्राइवेट चालक और होमगार्ड के जवानों से बसें चलवाई जा रही हों।
लेकिन रोडवेज का घाटा निरंतर बढ़ता जा रहा है। अधिकांश बसें सड़कों पर खाली दौड़ती रहती हैं। रोडवेज की बसों में काफी कम यात्री यात्रा कर रहे हैं। अब तक रोडवेज को अकेले झज्जर जिला में करीब डेढ़ करोड़ रुपये का घाटा हो चुका है।
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होमगार्ड 99 जवानों और 110 प्राइवेट चालकों के अलावा 24 रोडवेज के चालक और चार परिचालकों के सहारे 118 बसें चलाई गई हैं। - दलबीर सिंह, सीआई, परिवहन विभाग, झज्जर।
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