अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। जिले में लिंगानुपात को शत-प्रतिशत तक के आंकड़े पर लाने के लिए किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही नजर आती है तो विभागीय स्तर पर संबंधित खिलाफ सख्त कार्यवाही भी की जाए। यह निर्देश उपायुक्त सोनल गोयल ने सोमवार को अपने कार्यालय में जिला टास्क फोर्स की बैठक में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की जिले संबंधी समीक्षा के दौरान दिए।
बैठक के दौरान सिविल सर्जन ने उपायुक्त को बताया कि जन्म के समय अपेक्षाकृत कम पंजीकरण के संदर्भ में जिले के सात विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रजिस्ट्रार को भी नोटिस जारी कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है ताकि भविष्य में जन्म के समय पंजीकरण में किसी तरह की लापरवाही न हो। उपायुक्त ने कहा कि जिले में लिंगानुपात के मामले में शत-प्रतिशत का लक्ष्य कठिन है पर असंभव नही है।
इस अवसर पर एसडीएम बादली त्रिलोक चंद, एसडीएम बेरी प्रदीप कौशिक, एसडीएम झज्जर विजय सिंह, नगराधीश अश्वनी कुमार, सीएमओ डॉ. रणदीप पूनिया, ड्रग कंट्रोलर राकेश दहिया, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी हरिसिंह श्योराण, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी नीरज कुमार, पीओआईडीएस नीना खत्री, उपसिविल सर्जन डॉ. राकेश व डॉ. विनय देसवाल, सीएमजीजीए तान्या शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
आंगनबाड़ी वर्कर को भेजा गया है पत्र
महिला एवं बाल विकास अधिकारी नीना खत्री ने बताया कि जिले में कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों की संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिहाज से विभाग की ओर से पत्र जारी किए गए हैं। उपायुक्त ने कहा कि औसत बेशक बीते वर्षों की अपेक्षा काफी सुधरा है लेकिन अब भी इस दिशा में कार्य, मेहनत और जागरूकता की जरूरत है।
नशा कारोबार पर बरतें सख्ती
जिला टास्क फोर्स की बैठक में उपायुक्त सोनल गोयल ने कहा कि दवाओं के रूप में नशे का कारोबार करने वाले दवा विक्रेताओं के खिलाफ शिकंजा कसने का काम स्वास्थ्य विभाग करे। उन्होंने कहा कि इस तरह की सूचनाएं आ रही हैं कि ड्रग्स के रूप में प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की जा रही है। उन दवाओं को भी नशे के लिए खुलेआम बेचा जा रहा है जिन्हें केवल चिकित्सक की सलाह पर बेचा जा सकता है।