अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। जिले में सक्रिय पशु चोरों ने पुलिस टीम के पीछा करने पर बलाली और चांगरोड गांव में फायरिंग कर दहशत फैला दी। इस दौरान बलाली निवासी एक ग्रामीण को गोली का छर्रा लगने से वह घायल हो गया। बदमाशों के द्वारा दोनों गांवों में चार फायर किए गए। करीब 150 किलोमीटर तक पुलिस के पीछा करने पर भी पशु चोर अंधेरे का फायदा उठाकर चकमा देने में कामयाब हो रहे। सूत्रों की मानें तो टाटा सवारों ने पीछा कर रही पुलिस की गाड़ियों पर भी पत्थर बरसाए और इसमें एक पुलिस कर्मी की गाड़ी तो एक की बाइक क्षतिग्रस्त हो गई और बाइक को टक्कर मारने से झोझूकलां पुलिस चौकी में तैनात एक कर्मचारी को हल्की चोटें र्भी आइं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव नीमड़-बड़ेसरा से कुछ लोग टाटा-407 में रात करीब एक बजे भैंस चोरी का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे बाढड़ा सीआईए प्रभारी शमशेर सिंह की नजर उन पर पड़ी। अपनी निजी गाड़ी से शमशेर सिंह ने उनका पीछा शुरू किया और घटना की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद बाढड़ा थाना पुलिस व सदर थाना पुलिस टीमों ने क्षेत्र में नाकाबंदी कर दी। वहीं, शमशेर सिंह ने टाटा-407 का पीछा शुरू कर दिया और आगे आने वाले गांवों में फोन कर नाकाबंदी करवा दी। इसी दौरान टाटा-407 सवार पहले जावा गांव पहुंचे और यहां मौजूद ग्रामीणों के पास खड़ी एक पुलिस कर्मी की बाइक को टक्कर मार दी और फरार हो गए। इसके बाद पशु चोर गांव बलाली पहुंचे। यहां जब ग्रामीणों ने उन्हें रोकने को प्रयास किया तो टाटा-सवारों ने पत्थर बसाने के साथ-साथ ग्रामीणों पर फायर भी झोंक दिया। इस दौरान बलजीत नामक एक ग्रामीण के हाथ में गोली का छर्रा भी लगा और इससे वह मामूली रूप से घायल हो गया। इसके बाद टाटा सवारों ने गाड़ी चांगरोड गांव की तरफ मोड़ ली। यहां भी सूचना पाकर ग्रामीणों ने नाकाबंदी की हुई थी। सरपंच सुंदर कुमार ने बताया कि गांव के जोहड़ के समीप टाटा सवारों ने ग्रामीणों पर तीन फायर झोंके और दो के खोल जोहड़ के समीप से बरामद किए गए हैं। यहां फायरिंग करने के बाद वो एक तंग गली में घुस गए। वहां एक मकान की दीवार को टक्कर मारकर बाहरी रास्ते से फरार हो गए। इससे पहले टाटा सवारों ने पीछा कर बाढड़ा सीआईए प्रभारी शमशेर सिंह की गाड़ी पर भी पत्थरबाजी की जिसमें उनकी गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि चांगरोड में फायरिंग से कोई जनहानि नहीं हुई।
पुलिस को गांवों में घुमाते रहे पशु चोर
रात करीब एक बजे पुलिस ने टाटा सवार पशु चोरों को पीछा शुरू किया था। नीमड़-बड़ेसरा से कान्हड़ा, कादमा, नौरंगाबास, ऊण, बीजणा, जावा, बलाली, चांगरोड़ और कलाली गांवों से होकर टाटा सवार गुजरे। इनका करीब 150 किलोमीटर तक पुलिस टीमों ने पीछा किया लेकिन अंत में ये पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो गए। हालांकि ग्रामीणों की जवाबी पत्थरबाजी में पशु चोरों की गाड़ी का शीशा भी टूट गया।
ग्रामीणों ने पिकपअप चालक को पशु चोर समझकर पीटा
जावा में भी पशु चोरों के आने की सूचना मिलते ही ग्रामीण एकत्र हो गए थे लेकिन आरोपी ग्रामीणों की नाकाबंदी तोड़कर रात करीब डेढ़ बजे वहां से फरार हो गए। सुबह करीब चार बजे गांव से एक गुजर रही एक पिकअप गाड़ी को ग्रामीणों ने रुकवा लिया। इन ग्रामीणों ने पशु चोर समझकर चालक की पिटाई कर दी, बाद में झोझूकलां चौकी पुलिस को सौंप दिया।
कंट्रोल रूम से एक सूचना प्राप्त हुई थी और इसके आधार पर हमने पशु चोर होने के शक पर टाटा का पीछा किया। हमारे पास फिलहाल भैंस चोरी या फायरिंग की शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत आती है तुरंत केस दर्ज किया जाएगा। पशु चोरों को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया लेकिन वो मौका पाकर फरार हो गए।
-जगराम, सदर थाना प्रभारी