अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
गांव जाखोदा के पास नूना माजरा माइनर टूटने से धान की कई एकड़ कटी फसल खराब हो गई। नेशनल हाईवे-9 के साथ लगती करीब 10 एकड़ धान की फसल में पानी भर गया। किसानों का कहना है कि माइनर घास-फूंस से अटी पड़ी है। ऐसे में अधिक पानी आने पर माइनर के किनारे टूट गए। किसानों ने सरकार और प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
गांव जाखोदा मेें कई किसानों ने अपनी धान की फसल काट रखी है। शनिवार देर रात रजबाहा टूटने से करीब 10 एकड़ रकबे में पानी भर गया जिससे कटी धान की फसल खराब हो गई। किसानों का कहना है कि नूना माजरा माइनर टूटने से उनके खेतों में पानी भरा है। करीब 10 एकड़ में काट कर झड़ाई के लिए तैयार धान पानी में डूब गया। किसानों सीटू व सुरेंद्र ने बताया कि उन्हें करीब 5 लाख रुपये का नुकसान एक किसान को हुआ है।
उन्होंने कहा कि नहर टूटने की सूचना देने के बावजूद प्रशासन का कोई अधिकारी उनकी सुध लेने के लिए नहीं आया। उनका आरोप है कि नूना माजरा माइनर घास फूंस से अटी पड़ी थी जिसकी सफाई के लिए भी कई बार निवेदन किया गया। लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। किसान सोमवीर ने सरकार से खराब हुई फसल का मुआवजा देने की मांग की है।
माइनर टूटने से 10 एकड़ धान की कटी फसल बर्बाद
गांव जाखोेदा के पास टूटी माइनर, किसानों ने की खराब फसल के मुआवजे की मांग
---फोटो 4 : पानी से बचाने के लिए धान की कटी फसल को निकालते ग्रामीण।-----------------