झज्जर।
स्कूली पाबंदियों से बाहर निकल कर कॉलेज में जिंदगी संवारने का सपना देखने वालों युवाओं के लिए यह डगर इतनी आसान नहीं है। कॉलेजों में उन्हें पढ़ाने के लिए फैकल्टी ही उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उन्हें अतिथियों के सहारे ही अपने करियर की नैय्या को पार लगाना होगा। राजकीय कॉलेजों में लेक्चरर की भारी कमी है। शहर के एकमात्र राजकीय नेहरू कालेज में इस समय स्टाफ के हालात काफी खराब चल रहे हैं। राजकीय कालेज में लेक्चरर की 56 पोस्ट सैंक्शन हैं, जिनमें से 29 पद खाली पड़े हैं।
वहीं, अगर वर्क लोड की बात की जाए तो यहां हालत और भी नाजुक है। वर्क लोड के हिसाब से तो कालेज में इस समय करीब 60 लेक्चरर की जरूरत है। पिछले सत्र में करीब 60 एक्सटेंशन लेक्चरर लगाए गए थे, जिनके सहारे सत्र चला था।
- ये है स्टाफ की स्थिति
विभाग सैंक्शन पोस्ट वर्तमान स्थिति खाली
अंग्रेजी 6 4 2
हिंदी 3 1 2
इतिहास 1 2 0
पत्रकारिता 2 2 0
कंप्यूटर 5 2 3
गणित 6 2 4
अर्थशास्त्र 2 1 1
रक्षा अध्ययन 2 1 1
भूगोल 4 3 1
रसायन विज्ञान 6 3 3
जीव विज्ञान 1 1 1
शारीरिक शिक्षा 1 1 0
संगीत गायन 1 1 0
संगीत वादन 1 1 0
पुस्तकालय 1 1 0
- अंग्रेजी, हिंदी व गणित के छात्रों को रहेगी परेशानी
नेहरू पीजी कालेज में दाखिला लेने वालों छात्रों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। कालेज के इंग्लिश विभाग में इस समय वर्क लोड के हिसाब से करीब 10 लेक्चरर की आवश्यकता है लेकिन वर्तमान में 4 लेक्चरर के सहारे ही इस विभाग का काम चल रहा है। वहीं हिंदी विभाग में इस समय वर्क लोड अनुसार करीब आठ लेक्चरर की आवश्यकता है। लेकिन विभाग केवल एक लेक्चरर के सहारे ही चल रहा है। कुछ ऐसा ही हाल गणित विषय में है। वर्क लोड के हिसाब से छह लेक्चरर होने चाहिए। लेकिन वर्तमान में केवल दो ही लेक्चरर विभाग को चला रहे हैं।
वर्जन
सैंक्शन पोस्ट के अनुसार वर्तमान में 29 लेक्चरर के पद खाली चल रही हैं। वहीं वर्क लोड के हिसाब से लेक्चरर की आवश्यकता और बढ़ जाती है। विभाग के आला अधिकारियों को इस बारे में पत्राचार से सूचित कर दिया गया है।
- रंजीत कौर मदान, प्राचार्या, नेहरू पीजी कालेज झज्जर।
- अंग्रेजी और साइंस के छात्रों के लिए समस्या बनेगी गंभीर
- 56 में से 29 पद खाली, जरूरत 60 और लेक्चररों की