फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चाबियां नहीं मिलने पर वैकल्पिक चालकों ने जुगाड़ से दौड़ाई बसें

विज्ञापन
विज्ञापन
चरखी दादरी। रोडवेज यूनियनों की हड़ताल 18वें दिन खत्म हो गई। सभी चालक-परिचालक काम पर लौट आए। हड़ताल से लौटने पर वर्कशॉप की मेकेनिक और इलेक्ट्रिकल शाखा कर्मियों ने जब खराब बसों का जायजा लिया तो कुछ में बड़े फॉल्ट मिले तो कुछ बसें जुगाड़ से चलाने की बात सामने आई। सूत्रों की मानें तो वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर जिन बसों को होमगार्डों, पुलिस जवानों और डीसी रेट के कर्मियों से चलवाया गया उनमें से डेढ़ दर्जन बसों की चाबियां ही अधिकारियों को नहीं मिली थीं। इसके चलते वैकल्पिक चालकों ने स्विच उखाड़ा और तारों को सीधा जोड़कर बसों को स्टार्ट कर दौड़ाया।
विज्ञापन


शनिवार को चरखी दादरी डिपो के करीब 550 कर्मचारी काम पर लौट आए। हालांकि हड़ताल के चलते डिपो की बसें विभिन्न रूटों पर दौड़ीं। वहीं, चालक-परिचालकों के ज्वाइन करते ही पार्ट-वन के तहत भर्ती किए चालकों को रिलीव कर दिया। दोपहर बाद तक ज्वाइनिंग और रिलीविंग की प्रक्रिया चली। इससे पहले कर्मचारियों ने बस स्टैंड परिसर पर गेट मीटिंग की गई। शनिवार को विभिन्न रूटों पर करीब 75 बसों के पहिये घूमे। वहीं, करीब 40 बसें ऐसी हैं जिनमें तकनीकी खराबी आने के चलते वो वर्कशॉप में खड़ी हैं। कर्मियों के हड़ताल पर होने के चलते उनकी मेंटिनेंस नहीं हो पा रही थी। जीएम धनराज कुंडू ने इन सभी बसों को जल्द से जल्द ठीक करने के आदेश वर्कशॉप कर्मचारियों को दे दिए हैं। जीएम का कहना है कि सभी बसों को दो से तीन दिन के अंदर ठीक कर दिया जाएगा ताकि जल्द से जल्द से रूटों पर दौड़ सकें।

शनिवार को तीन बजे तक हड़ताली कर्मियों की ज्वाइनिंग प्रक्रिया चलती रही और इसके चलते सभी बसों का संचालन नहीं हो पाया। वर्कशॉप कर्मियों ने बताया कि करीब 40 बसें इस समय खराब हैं और इनमें से कुछ में इंजन या क्लच प्लेट सहित अन्य खामियां आई हुई हैं तो कुछ की वायरिंग में परेशानियां हैं। कर्मियों ने बताया कि करीब 20 बसों की बैटरी में खामियां हैं और इनके चलते से स्टार्ट नहीं हो पा रहीं।
विज्ञापन


इसके अलावा करीब 10 बसों के गियर बॉक्स में समस्या है और इस समस्या को दूर करने में कई घंटों का समय लग जाता है। पांच बसें ऐसी हैं जिनकी स्लिप में समस्या है और इस कारण ये स्टार्ट नहीं हो पा रहीं। वर्कशॉप कर्मियों ने बताया कि वर्कशॉप में जो बसें खड़ी हैं उनमें से 60 फीसदी की चाबी नहीं मिलने पर स्विच को उखाड़कर डायरेक्ट कर चलाया गया है। जल्द से जल्द सभी बसों की खामियों को दूर कर दिया जाएगा और इस काम में वर्कशॉप स्टाप जुट गया है।

दो दिन के अंदर सभी बसें ठीक करने के दिए हैं निर्देश: जीएम
जीएम धनराज कुंडू ने बताया कि वर्कशॉप में जो बसें खराब खड़ी हैं वो रूटिन की संख्या से थोड़ी अधिक हैं। चालक-परिचालकों सहित वर्कशॉप के सभी कर्मचारी काम पर लौट आए हैं और आगामी दो दिनों के अंदर सभी बसों को ठीक करने के निर्देश मैंने वर्कशॉप कर्मियों को दे दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें