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बहादुरगढ़ के लोगों को मिलेगा बेहतर इलाज, नागरिक अस्पताल होगा 200 बेड का

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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। राष्ट्रीय राजधानी से सटे बहादुरगढ़ के लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने नई सौगात दी है। विभाग ने यहां स्थित 100 बिस्तर के नागरिक अस्पताल को 200 बिस्तर के अस्पताल तक अपग्रेड करने को स्वीकृति दी है। इसके लिए डाक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की 95 नई पोस्ट भी स्वीकृत कर दी हैं। उम्मीद है यहां जल्द ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।
बड़ी तेजी से औद्योगिक शहर के रूप में आगे बढ़ रहे बहादुरगढ़ में स्वास्थ्य सेवाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। एक तरफ सामाजिक संस्था महाराजा अग्रसेन मेडिकल युनिवर्सिटी बना रही है, तो सरकार भी यहां बड़े जिला मुख्यालयों की तर्ज पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में 100 बिस्तर के नागरिक अस्पताल को अपग्रेड कर 200 बिस्तर का अस्पताल बनाने का निर्णय लिया गया है। जल्द ही यहां चिकित्सीय संसाधन व स्टाफ में भी इजाफा होगा। फिलहाल यहां सवा सौ से ज्यादा नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं। एनएचएम के तहत भी काफी स्टॉफ लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहा है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते नए डाक्टरों व पैरामेडिकल स्टॉफ के जल्द आने की उम्मीद है।
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हर रोज होती है लगभग एक हजार ओपीडी
नागरिक अस्पताल में शहर व आसपास के 20 गांवों के लोग हर रोज इलाज के लिए आते हैं। यहां रोजाना लगभग एक हजार ओपीडी होती है। इनमें से काफी मरीज ऐसे आते हैं जिनका नया रजिस्ट्रेशन होता है तो अनेक ऐसे भी आते रहते हैं जिनका पहले से ही इलाज चल रहा है। हर ओपीडी रूम के बाहर सुबह से दोपहर तक मरीजों की लंबी लाइन लगी रहती है। अस्पताल की लैब में वाटर सैंपलिंग के अलावा एफएनएसी यानी गांठ की जांच भी होने लगी है। वीरवार को दोपहर तक 10 मरीजों के सैंपल जांच के लिए जुटाए जा चुके थे।

स्वास्थ्य कर्मियों के 95 पद हुए स्वीकृत
अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मंजू कादियान ने बताया कि अब अस्पताल 100 बेड के बजाय 200 बेड तक अपग्रेड हो गया है। इसके लिए चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के 95 नए पद स्वीकृत हुए हैं। इनमें एक पद प्रिंसिपल मेडिकल आफिसर (पीएमओ), 2 पद वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, 13 मेडिकल आफिसर के अलावा बाकी पैरामेडिकल स्टाफ है। उन्होंने बताया कि डाक्टरों व बाकी स्टाफ की कमी जल्द ही पूरी कर दी जाएगी।
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बेड के साथ-साथ सुविधाएं भी बढ़ाएं
उधर, नागरिक कल्याण मंच के अध्यक्ष रणबीर सिंह राठी ने वीरवार को अस्पताल का दौरा कर स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल जाना। बाद में उन्होंने कहा कि अस्पताल में बिस्तर बढ़ाने से ही काम नहीं चलेगा। पहले चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है। यहां अल्ट्रासाउंड की मशीन तो है, लेकिन डाक्टर नहीं है। जिससे मरीजों को बाजार से अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है। इसी तरह डायलिसिस नहीं हो पाता। थाइराइड टेस्ट के लिए भी रोगियों को बाहर जाना पड़ता है।
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