अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
प्रदेशभर में स्वास्थ्य विभाग में चल रही चिकित्सकों की कमी अब दूर हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के लिए 39 चिकित्सक भेजे गए थे। उक्त सभी चिकित्सकों ने ज्वाइन कर लिया है। अब कहा जा सकता है कि दूसरे जिलों की अपेक्षाकृत चिकित्सकों को झज्जर जिला पसंद आया है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि क्योंकि नारनौल में 50 फीसदी तो अन्य जिलों में 20 से 30 फीसदी तक चिकित्सकों ने मिली पोस्टिंग पर ज्वाइन नहीं किया। झज्जर में चिकित्सकों के ज्वाइन करने पर यहां के सामान्य अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को काफी राहत मिलेगी। घंटो ओपीडी की लाइन में खड़े रहने वाले मरीजों का अब जल्द जांच के लिए नंबर आ जाएगा। इसके चलते मरीजों ही नहीं तीमारदारों को भी काफी राहत मिलेगी।
इतने सर्जन आए सामान्य अस्पताल
विभाग नए आए कुल
रेडियोलॉजिस्ट 1 1
फिजिशियन 1 3
ऑफ्लमोजिस्ट 2 4
सामान्य सर्जन 1 4
माइक्रोबायोलॉजिस्ट 1 1
डेंटल विभाग को अभी उम्मीद
दंत रोग विशेषज्ञ की कमी अभी भी सामान्य अस्पताल में चल रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से नई भर्ती प्रक्रिया शुुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि अगले दो माह में डेंटल विभाग में भी चिकित्सकों का टोटा दूर हो जाएगा। वहीं, पैथोलॉजी विभाग में पहले से ही 2 पैथोलॉजिस्ट सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा सबसे बड़ी दिक्कत रेडियोलॉजी व ब्लड बैंक में चल रही थी। ब्लड बैंक और लैब में माइक्रोबायोलॉजिस्ट न होने के कारण वहां के टेस्टों की रिपोर्ट प्रभावित हो रही थी।
औसतन 700 तक रहती है ओपीडी
सामान्य अस्पताल में मौसमी बीमारियों के सीजन के दौरान ओपीडी 1000 से 1200 के बीच रहती है। वहीं, इन दिनों इसमें काफी गिरावट देखने को मिल रही है। ओपीडी में इस समय 600 से 700 के बीच में ओपीडी चल रही है। चिकित्सकों की कमी के चलते अस्पताल ओपीडी में काफी भीड़ देखने को मिलती थी। लेकिन अब चिकित्सकों की कमी दूर होने के बाद ओपीडी में भीड़ नहीं दिखाई देगी।
वर्जन
जिले के लिए विभाग के निदेशालय से 39 चिकित्सक भेजे गए हैं, सभी ने ज्वाइन कर लिया है। सामान्य अस्पताल में भी सर्जन आने के कारण ओपीडी की दिक्कतें खत्म हो जाएंगी। वहीं जिले के ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सक तैनात होने के कारण मरीजों का जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ेगा।
- डॉ. रमेश धनखड़, सीएमओ, झज्जर।