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दो दिन तक भारी बारिश से फसलें हुई बर्बाद

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
जिले में चौमासे की पछेती बारिश से खेती को भारी नुकसान हुआ है। लगातार दो दिन तक लगभग 80 फीसदी बारिश होने के कारण बहादुरगढ़ क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान होने का अनुमान है। झज्जर और बेरी इलाकों में हालांकि बारिश कम हुई है। लेकिन इन इलाकों में भी धान की कटी फसल, बाजरे और बाड़ी (कपास) की फसलें खराब हो गई हैं।
बहादुरगढ़ क्षेत्र में शुक्रवार के बाद शनिवार दोपहर 12 बजे तक झड़ी लगी रही। दोनों दिन कई बार बहुत तेज बरसात भी हुई। इस बरसात से मौसम में एकाएक बदलाव सा आ गया है। हालांकि लोगों को बारिश से गर्मी और उमस से राहत मिल गई है। खेती में इस बारिश से फायदे के साथ-साथ नुकसान भी हुआ है। कई इलाकों में खेतों में खड़ी 1121 किस्म के धान की फसल बिछ गई है। लगभग पककर तैयार खड़ी बाजरे की फसल में और चुगाई के लिए तैयार खड़ी कपास की फसल के लिए भी ये भारी बारिश नुकसान दायक मानी जा रही है। बहादुरगढ़ इलाके के गांवों मांडोठी, डाबोदा, छारा, आसौदा और बादली क्षेत्र के कई गांवों में धान की कटी फसल पानी में तैरने लगी है। झड़ाई के लिए तैयार फसल के धान को भारी नुकसान हुआ है।
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कपास की फसल होगी खराब
बादली, साहलावास, बेरी और झज्जर इलाकों में बेशक बहादुरगढ़ क्षेत्र से कम बारिश हुई है, लेकिन इससे बाड़ी की खेती में नुकसान हुआ है। बाड़ी का फूल झड़ गया है। चुगाई के लिए तैयार डोडों में पानी भर गया है। जिससे बिनौले और रूई दोनों के खराब होने की आशंका है। बाड़ी के उत्पादन पर बुरा असर पड़ना तय है। अब बरसात ज्यादा हुई तो खिली हुई बाड़ी पूरी तरह से खराब हो सकती है।

बाजरे के दाने को नुकसान
क्षेत्र के बारिश पर निर्भर खेतों में ज्वार और बाजरे की फसल खड़ी है। चारा फसल होने की वजह से ज्वार में तो बारिश से ज्यादा नुकसान की आशंका नहीं है। लेकिन बाजरे का दाना खराब हो सकता है। तेज हवा चली तो बाजरे की फसल गिर भी सकती है। जिससे नुकसान होने की आशंका है। जो बाजरा कटने के बाद भीग गया है उसमें भी नुकसान बताया जा रहा है। तेज हवा से ज्वार की फसल जमीन पर बिछ गई है।

बीजाई में होगा फायदा
सरसों और गाजर, मूली आदि फसलों की बीजाई के लिए यह बारिश फायदेमंद रहेगी। सितंबर की इस बरसात से खेतों को मीठा पानी मिल गया है। ज्वार जिन इलाकों में कम बारिश हुई है उन इलाकों में ज्वार व बाजरे में जान आ गई है। उधर, कृषि अधिकारियों की मानें तो बाजरे की बाली दो दिन की धूप में पक जाएंगी। क्षेत्र के किसान रघबीर, आजाद, रामकुमार, जोगेंद्र व शिव कुमार का कहना है कि आवश्यकतानुसार बरसात हुई है।
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क्या कहते हैं अधिकारी :
जिले में अच्छी बरसात हुई है। लेकिन अभी यह नहीं कहा जा सकता कि बारिश से किसानों को कितना नुकसान हुआ है। बाड़ी को छोड़कर सभी फसलें फायदे में रहेंगी। बरसात के साथ तेज हवा चली तो तो किसानों को नुकसान हो सकता है। नुकसान हुआ तो उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
- रोहताश सिंह, उप निदेशक कृषि विभाग, झज्जर।


- बिछ गई धान की हजारों एकड़ फसल
- कटी फसल पानी में डूबने से भारी नुकसान
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