अघोषित पॉवर कटों ने फिर रूलाया
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
बिजली किल्लत गहराने से शहरवासियों का बुरा हाल है। एक माह तक बिजली व्यवस्था में सुधार रहने के बाद फिर से पहले जैसे हालात बनने लगे हैं। दिनभर में लगने वाले करीब एक दर्जन अघोषित पॉवर कट लोगों के गले की फांस बने हैं। बिजली निगम शहर में चार घंटे के शेड्यूल पॉवर कट लगा रहा है जबकि आठ से दस घंटे तक शहर के कई हिस्सों की बिजली गुल रह रही है। बस स्टैंड रोड फीडर और पुराना शहर में तो हालात काफी विकट हैं। वहीं, पॉवर कटों के चलते शहर के विभिन्न वार्डों के लोग भी परेशान है। वार्ड नंबर एक, चार, 16 व 18 के बाशिंदे तो पार्षद की अगुवाई में निगम अधिकारियों से पॉवर कट का खेल बंद करने की गुहार लगा चुके हैं लेकिन व्यवस्था अब भी जस की तस बरकरार है। वार्ड नंबर एक के पार्षद ने तो बिजली समस्या का समाधान न होने पर निगम अधिकारियों को रोड जाम करने की चेतावनी भी दी है। पूर्ण मार्केट के दुकानदार भी पावर कटों से परेशान है और शुक्रवार को उन्होंने इस संबंध में निगम के एसडीओ को लिखित में भी शिकायत दी है। निगम अधिकारी जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार करने का आश्वासन लोगों को दे रहे हैं।
शहर में घोषित पॉवर कटों से आमजन ही परेशान नहीं है बल्कि कुशल व अकुशल कारीगरों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट गहराने लगा है। इन कुशल व अकुशल कारीगरों का धंधा चौपट हो गया है। इस समय शहर में छह घंटे घोषित कट व करीब दो घंटे औसतन फॉल्ट की वजह से कट लग रहे हैं। अधिकतर लोगों का मानना है कि शहर में छह घंटे तक पॉवर कट लगाना सरासर अनुचित है। शहर में वैसे ही बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं है। कही बिजली की तारें लटक रही हैं तो कही बिजली ट्रांसफार्मर ओवरलोड चल रहे हैं। ओवरलोड होने पर ट्रांसफार्मरों को रिप्लेस कर अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर भी नहीं लगाया जा रहा है। इस वजह से लाइनों में बार-बार फॉल्ट आ रहे हैं जिससे शहर में औसतन रोजाना दो घंटे तक फॅाल्टों की वजह से पॉवर कट लग रहे हैं। एक बार खराबी आने पर ठीक करने के लिए परमिट लेने पर साथ लगती कालोनियों में भी अनावश्यक पॉवर कट लग जाती है।
शेड्यूल चार घंटे का, आठ घंटे गुल रह रही बिजली
बिजली निगम के स्थानीय अधिकारियों ने करीब बीस दिन पहले शहर में लाइन लॉस के मुताबिक पॉवर कट लगाने का शेड्यूल शुरू किया था। जहां 25 प्रतिशत से ज्यादा लाइन लोस है वहां कट लगाए जा रहे हैं। इस समय शहर का ऐसा कोई भी एरिया नहीं है जहां 25 प्रतिशत से कम लाइनलॉस हो। ऐसे में पूरा शहर ही इन पॉवर कटों को झेलने को मजबूर है। निगम की प्लानिंग के मुताबिक शहर में इस समय चार घंटे का पॉवर कट लगाने का शेड्यूल है लेकिन इस समय आठ घंटे तक बिजली काटी जा रही है।
दुकानदारों और कारीगर जूझ रहे आर्थिक संकट से
जिन दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अधिकतर कामकाज बिजली से होता है वहां कारीगरों की दिहाड़ी पर संकट गहरा गया है। बिजली के ज्यादा कट होने से माल का आउटपुट औसतन काफी कम मिल रहा है। इससे मजदूर वर्ग पर ज्यादा असर पड़ रहा है। उनकी रोजी-रोटी भी प्रभावित होने लगी है। कपड़ा टेलर, लकड़ी और बढ़ई के कारीगरों पर ज्यादातर मार पड़ रही है। कई बार ऐसा वर्क होता है जो थोड़े ही समय में पूरा करके ग्राहक को देना होता है ऐसे में श्रमिकों के समक्ष मुश्किल पैदा हो जाती है। इसी प्रकार सिलाई, कढ़ाई, टेलर, बिजली मिस्री और दुकानदारों पर भी ज्यादा मार पड़ रही है। यहां तक की सरकारी कार्यालयों में भी कामकाज बाधित होने लगा है।
पावर कटों का खेल करें निगम अधिकारी बंद
दिन के समय बिजली के कटों से उनका धंधा चौपट होने लगा है। कभी फॉल्ट आ जाता है तो फिर कुछ देर बाद ही निगम यह घोषित कट लगा देता है ऐसे में उनके समक्ष रोजी-रोटी का संकट पैदा होने लगा है। उनका कहना है कि शहर में इतने पावर कट नहीं लगाने चाहिए। स्टूडियो का सारा काम प्रभावित रहता है। - आनंद, फोटो स्टूडियो संचालक
हमारा कारोबार बिजली पर ही आधारित है। पिछले एक माह से पावर कटों से कोई कामकाज समय पर नहीं निपटा पा रहे। ऐसे में ग्राहक भला-बुरा कहते हैं। हम तो बिल भी समय पर देते है फिर भी पावर कटों के दायरे में शामिल है। निगम को जल्द से जल्द समस्या से निजात दिलाना चाहिए ताकि दुकानदार अपना कामकाज निपटा सके। - जतिन, इलेक्ट्रानिक्स स्टोर संचालक
टेलर मार्केट का कामकाज ठप पड़ा है। दिनभर बिजली नहीं रहने से ऑर्डर समय पर नहीं निपटा पा रहे। दिन के समय पावर कट लगने से कामकाज ही नहीं कर पाते। निगम अधिकारियों को भी समस्या की लिखित शिकायत दे चुके हैं लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। कारोबार प्रभावित होने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। - सत्यवान, टेलर शॉप संचालक
मोबाइल मार्केट पूर्णतया बिजली पर निर्भर है। इस समय तो हालात काफी खराब है। मार्केट के दुकानदारों ने तो निगम के एसडीओ विक्रम परमार को शुक्रवार को लिखित शिकायत भी सौंपी है। एसडीओ ने हमें सोमवार तक समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है। अगर समाधान नहीं हुआ तो फिर आगामी कदम उठाएंगे। - संदीप फौगाट, पूर्ण मार्केट प्रधान
वर्जन-
बिजली निगम के हेड ऑफिस के निर्देशानुसार शहर में बिजली आपूर्ति की जा रही है। निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही शहरवासियों को बिजली दी जा रही है। बिजली फॉल्टों की गुंजाइश न रहे इसके लिए हम काम कर रहे हैं। - एसडीओ विक्रम सिंह, बिजली निगम