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मतदान प्रक्रिया को निर्बाध रूप से करवाना पीठासीन अधिकारी की जिम्मेवारी: उपायुक्त

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झज्जर। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय जून ने शुक्रवार को राजकीय पीजी नेहरू कॉलेज के सभागार में बूथ पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारियों के प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया। प्रशिक्षण शिविर के प्रथम दिन आयोजित तीन सेशन में 750 बूथ पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारियों ने भाग लिया।
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उपायुक्त जून ने प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ करते हुए कहा कि मतदान केंद्र पर मतदान प्रक्रिया को निर्बाध रूप से संपन्न करवाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने विस्तार से और सरल भाषा में नियमावली तैयार की है। इसी नियमावली के तहत जिला के सभी 798 बूथों पर नियुक्त पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि मतदान के दिन पूरी दक्षता के साथ अपना कर्तव्य निर्वहन कर सकें। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर मंगलवार तक जारी रहेगा। किसी भी पीठासीन अधिकारी व सहायक पीठासीन अधिकारी को पोलिंग पार्टी के पास क्या समान होना चाहिए, पोलिंग पार्टी के पास ईवीएम व वीवीपैट को कुशलता के साथ संचालन की दक्षता, मतदान से पहले, मतदान के दौरान, मतदान के बाद की प्रक्रिया के बारे किसी प्रकार का संदेह न रहे इसलिए यह प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण शिविर के नोडल अधिकारी जगनिवास ने मतदान केंद्र की नियंत्रण यूनिट, मतदान यूनिट व वीवीपैट यूनिट की जांच, मॉक पोल, मतदान सामग्री प्राप्त करना ,मिलान करना व मतदान सामग्री की जांच करने की विधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया के सभी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुुए कहा कि 12 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए एक दिन पूर्व यानि 11 मई को सभी पीठासीन अधिकारी अपने-अपने बूथ पर पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर इसकी सूचना संबंधित एआरओ को देंगे। नोडल अधिकारी ने कहा कि 12 मई को चुनाव शुरू होने से पहले प्रात छह बजे पोलिंग एजेंट्स के समक्ष मॉक पोल करवाना सुनिश्चित करना है। मॉक पोल के दौरान किए गए वोट और वीवीपैट से निकलने वाली पर्चियों व कंट्रोल यूनिट में कुल वोट के मिलान होने पर होने पर, पोलिंग एजेंट्स के हस्ताक्षर अवश्य करवाएं तथा मॉक पोल उपरांत इसका रिकॉर्ड रखना भी जरूरी है। प्रशिक्षण नोडल अधिकारी जगनिवास ने कहा कि मतदान की गोपनीयता का विशेष ध्यान रखें। प्रत्येक दो घंटे के अंतराल पर कुल वोट जांचे जाएं और उसकी सूचना अपने सेक्टर प्रभारी अधिकारी को दें, ताकि यह सूचना एआरओ तक पहुंच सके। वोटिंग का समय समाप्त होने से पहले मतदान केंद्र में उपस्थित सभी मतदाताओं का वोट डलवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि मतदान के दौरान प्रयोग होने वाली ईवीएम में किसी भी प्रकार की खराबी होती है, तो इसकी सूचना अविलम्ब एआरओ के साथ सांझा करें तथा मतदान पूरा होने के बाद ईवीएम का क्लोज बटन अवश्य दबाएं। चुनाव से संबंधित सभी प्रकार के प्रफोर्मा को ध्यानपूर्वक भरकर एआरओ के पास जमा करवाना सुनिश्चित करें। इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी अश्विनी कुमार,एसडीएम एवं सहायक निर्वाचन अधिकारी बहादुरगढ़ तरु पावरिया, डीआईओ अमित बंसल सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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