झज्जर। सरसों के बाद अब अनाज मंडियों में गेहूं के भी बड़े-बड़े ढेर लगाए जा रहे हैं। शहर की अनाज मंडी में जगह की कमी के कारण आढ़तियों की तरफ से जेसीबी से गेहूं के ढेर लगाए जा रहे हैं। हर रोज गेहूं की आवक बढ़ती जा रही है। जिले में करीब 30 प्रतिशत गेहूं की फसल मंडियों में पहुंच चुकी है। दो लाख क्विंटल से अधिक गेहूं की खरीद की जा चुकी है। जबकि उठान कार्य को देखा जाए तो जिले की अनाज मंडियों में करीब 25 हजार क्विंटल गेहूं का उठान हो पाया है। करीब पौने दो लाख क्विंटल गेहूं अनाज मंडियों में पड़ा है। इसके अलावा इतना ही गेहूं बिना खरीदा हुआ मंडियों में पड़ा है। शुक्रवार की शाम को एक बार फिर से बादल छाने से बारिश की संभावना भी बढ़ गई है। अगर रात के समय बारिश हो जाती है तो एक बार फिर से अनाज मंडियों में खुले में पड़ा अनाज भीग जाएगा। इस बार मजदूर कम मिलने के कारण हाथ से गेहूं की कटाई करने की बजाए कंबाइन मशीनों से गेहूं की कटाई और कढ़ाई का कार्य करवाया जा रहा है। इसके बाद किसान गेहूं को अपने वाहनों में लेकर सीधे अनाज मंडियों का रुख कर रहे हैं। जिला की अनाज मंडियों गेहूं के साथ साथ सरसों की खरीदारी भी चल रही हैै।
शुक्रवार की शाम को एक बार फिर से बादल छाने से बारिश की संभावना भी बढ़ गई है। अगर रात के समय बारिश हो जाती है तो एक बार फिर से अनाज मंडियों में खुले में पड़ा अनाज भीग जाएगा। आसमान में बादल छाए देख किसानों और आढ़तियों के दिलों की धड़कने बढ़ने लगी हैं। अनाज का समय पर उठान नहीं हो पा रहा है। पहले भी उठान न होने के कारण गेहूं ओर सरसों भीग चुका है। अगर रात के समय बारिश आती है तो नुकसान बढ़ सकता है। आढ़तियों ने मौसम के मिजाज को देखते हुए अनाज के ढेरों को ढक दिया है। लेकिन आंधी आने के कारण तिरपाल भी उड़ जाते हैं। आढ़तियों ने अनाज को बेशक ऊपर से ढक दिया हो, लेकिन ढेरों के नीचे पानी घुस जाता है।
चांद सिंह पहलवान, प्रधान, अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन, झज्जर।
सरसों को गोदाम पर चेक करने में समय लग जाता है। वहां पर एक-एक कट्टे की जांच की जाती है। हर रोज 15 से 20 हजार बैग का उठान किया जा रहा है।
देवेंद्र सिंह, डीएम, हैफेड, रोहतक।