अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। जिले के 18 गांवों के श्मशान घाट में टीन शेड, पानी की टंकी, चहारदीवारी और रास्तों के निर्माण के लिए 60 लाख के वर्क ऑर्डर जारी हो गए हैं। शेेष गांवों की पंचायतों से एस्टिमेट मांगे जा रहे हैं ताकि इनके लिए बजट जारी किया जा सके। सीएम घोषणा के तहत इस प्रोजेक्ट को विभाग की 31 मार्च से पहले पूरा करने की प्लानिंग है। गांवों में श्मशान घाट के रास्तों की स्थिति काफी समय से खराब है। इतना ही नहीं श्मशान घाट में पानी, चहारदीवारी और टीन शेड की सुविधा न होने से पर परेशानी होती रही है। गत कांग्रेस सरकार के शासनकाल में टीन शेड जरूर लगवाए गए थे लेकिन ये टीन शेड कुछ समय बाद ही कंडम हो गए थे। अब पिछले कई सालों से टीन शेड न होने की वजह से खासकर बारिश के मौसम में ग्रामीणों को ज्यादा परेशानी आ रही थी। अतिक्रमण और रास्तों की हालत ज्यादा खराब होने की वजह से ग्रामीणों को आनेजाने में दिक्कत बनती रही है। ये मेन रास्ते होने की वजह से किसानों को ट्रैक्टर आदि वाहन ले जाने मेें कठिनाइयां बनी रही। कई गांवों में तो इन रास्तों में कीचड़ का जमाव होने की वजह पैदल गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। खासकर फसल कटाई के दिनों में किसानों को ज्यादा दिक्कतें होती हैं।
चहारदीवारी से होगा विशेष फायदा
अब सभी श्मशान घाटों की चहारदीवारी होने से श्मशान घाट की जमीन पर नाजायज कब्जा भी नहीं हो सकेगा। इस समय अधिकतर गांवों में श्मशान घाट की जमीन पर आसपास के खेत मालिकों ने नाजायज तौर पर कब्जा कर रखा है। जिससे श्मशान घाट की जमीन का एरिया हर साल सिकुड़ता आ रहा है। अब इस जमीन की पैमाइश कर चहारदीवारी होने पर नाजायज कब्जे का झंझट भी खत्म हो जाएगा।
अब 60 लाख का बजट पहली किस्त में खर्च होगा
इस समय जिले के 18 गांवों के लिए 60 लाख का बजट पहली किस्त के रूप में जारी हो चुका है। इस बजट से इन गांवों में श्मशान घाट के रास्तों, पानी की टंकी, टीन शेड और चहारदीवारी का निर्माण करवाए जाने के लिए वर्क आर्डर हो चुके हैं। कई गांवों में तो काम शुरू हो गया है। शेष गांवों की पंचायतों से भी एस्टीमेट मांगे जा रहे हैं ताकि इनके लिए बजट जारी किया जा सके। सरकार की प्लानिंग है कि 31 मार्च तक इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाए। सीएम की घोषणा के तहत इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम हो रहा है।
इस प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा किया जाएगा। सीएम घोषणा के तहत बजट जारी हो रहा है। गांवों में इस समस्या का जल्द समाधान हो सकेगा। ग्रामीण और पंचायत मिलकर गांवों में विकास कार्यों को तत्परता से पूरा करने में पंचायत विभाग का सहयोग करें। - ग्राम सचिव सुरेंद्र, पंचायत विभाग