अचीना हादसे के बाद जागा प्रशासन, पांच स्कूली बसों को किया इंपाउंड, दस के काटे चालान
चरखी दादरी। अचीना हादसे के बाद जिला प्रशासन की नींद खुली है। सीटीएम मनीष फौगाट ने जिला परिवहन विभाग के साथ मंगलवार दोपहर अलग-अलग स्थानों पर 20 बसों की जांच की। इस दौरान सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के नॉर्म्स पर खरा न उतरने पर 19 निजी स्कूल बसों पर कार्रवाई की। टीम ने पांच बसों को इंपाउंड किया और 10 के चालान काटे गए। टीम ने करीब एक घंटे के अभियान के दौरान कोर्ट के आदेशों की अवमानना के कई मामले सामने आने पर सीटीएम ने आरटीए विभाग को नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए। वहीं, सीटीएम सहित एसडीएम को जिला उपायुक्त ने लगातार स्कूली वाहनों की चेकिंग के आदेश दिए हैं। रोहतक पीजीआई में उपचाराधीन घायल बच्चों की हालत में सुधार बताया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को बिगोवा के बीएसवीएन स्कूल की मिनी बस ओवरटेक करते समय सामने से आ रहे डंपर से जा टकराई थी। इस दौरान बस में सवार तीन बच्चों सहित चालक-परिचालक की मौत हो गई थी। घटना का कारण तेज रफ्तार सामने आया था।
बस में नहीं लगा था स्पीड गवर्नर
जिला उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि जो बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है उसमें स्पीड गवर्नर भी नहीं लगा था। इसके अलावा अभी बस के फिटनेस सर्टिफिकेट सहित अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी और अगर कहीं खामियां मिली तो इस पर प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाएगा। उपायुक्त ने बताया कि जिला समाज कल्याण विभाग के साथ-साथ राजस्व विभाग के अधिकारियों को हादसे के पीड़ित परिवारों के घर जाकर बातचीत करने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रशासन उनकी हरसंभव मदद कर सकें। एसपी हिमांशु गर्ग ने बताया कि जल्द भी सभी स्कूल संचालकों की मीटिंग बुलाकर सुरक्षित वाहन पॉलिसी की पालना के सख्त निर्देश दिए जाएंगे। इसके साथ-साथ नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई अमल में लाएगी।
दो गांवों में पसरा सन्नाटा, स्कूल रहा बंद
हादसे में दो गांवों के पांच लोगों ने जान गंवा दी। इनमें से बस परिचालक पप्पी सहित सोनू व ऋषभ का तो पुलिस ने सोमवार शाम ही सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करा दिया था। जबकि बस चालक राजकुमार व तीन वर्षीय निकिता का पीजीआई में मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम कराया गया। हादसे के बाद से ही गांव अचीना व भागेश्वरी में मातम पसरा है। वहीं, बिगोवा स्थित एसबीवीएन स्कूल भी मंगलवार को बंद रहा। जिला परिवहन विभाग की टीम यहां जांच के लिए पहुंची लेकिन स्कूल बंद होने के चलते वापस आ गई। मंगलवार को सांसद धर्मवीर सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री सतपाल सांगवान सहित विभिन्न पार्टियों के दिग्गज नेता इन गांवों में पहुंचे।
सुबह-शाम भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग
गांव अचीना व भागेश्वरी में मृतकों के परिवारों को सांत्वना देने मंगलवार सुबह विभिन्न राजनेता सहित सामाजिक व धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी पहुंचे। इस दौरान गांव भागेश्वरी के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से ओवरलोडिंग पर पूर्णतया लगाम लगाने व स्कूली वाहनों की आवाजाही के समय सुबह-शाम दो घंटे के लिए भारी वाहन रोकने की भी मांग की। अचीना सरपंच प्रेम सिंह का कहना है कि यह बेहद दुखद घटना थी और पीड़ित परिवारों को सरकार व जिला प्रशासन की तरफ से मुआवजा मिलना चाहिए।
अब तक जिले में स्कूली वाहनों के साथ हादसे
-दादरी-महेंद्रगढ़ रोड पर 13 दिसंबर, 2017 को ओवरटेक कर रहे ट्रक ने स्कूली बस को टक्कर मार दी थी। इसमें एक बच्चे की मौत हो गई थी जबकि 19 घायल हुए थे।
- 20 जनवरी 2017 को बहु झोलरी माइनर के समीप स्कूली बस व पिकअप की भिंड़त हो गई थी। इसमें दस लोग घायल हुए थे। घटना का कारण स्कूल बस की तेज रफ्तार थी।
- 10 मार्च 2017 को अचीना ताल पुलिस चौकी के समीप तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूली बस को टक्कर मार दी थी। इसमें तीन की मौत हुई थी जबकि 33 बच्चे घायल हुए थे।
-27 फरवरी 2018 को क्रशर से लदे ट्राले ने कलियाणा रोड पर स्कूली बस को सामने से टक्कर मार दी थी। गनीमत रही कि घटना के समय बस बच्चों को छोड़कर वापिस जा रही थी।
जल्द ही स्कूल संचालकों की बैठक लेकर सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जाएंगे। अगर इसके बावजूद कोई स्कूल संचालक नियमों की पालना नहीं करता तो उसके खिलाफ एक्शन लेंगे। दुर्घटनाग्रस्त स्कूली बस के कागजातों की अभी जांच नहीं हुई है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि बस कितनी नॉर्म्स को पूरा नहीं करती थी। आज भी पुलिस कर्मचारी पीजीआई में ही व्यस्त थे।
- हिमांशु गर्ग, एसपी
स्कूल बस की रफ्तार तेज होने की बात सामने आई है। पता चला है कि बस में स्पीड गवर्नर भी नहीं था। जिला प्रशासन अब स्कूली वाहनों की जांच का अभियान नियमित चलाएगा। पीड़ित परिवारों की प्रशासन हरसंभव मदद करेगा और मैंने समाज कल्याण विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में आदेश दे दिए हैं।
- अजय सिंह तोमर, डीसी