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निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी पर तहसीलदार व बीईओ को सौंपा ज्ञापन

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
शिक्षण संस्थानों की मनमानी को लेकर नागरिक कल्याण संघ का एक प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को तहसीलदार व खंड शिक्षा अधिकारी मदन चोपड़ा से मिला और प्राइवेट स्कूलों में चल रहे फीस बढ़ोतरी के खेल के बारे में अवगत कराया।
प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि शहर में कई स्कूल बगैर मान्यता के चल रहे है जिससे बच्चों का भविष्य अंधकारमय होने की संभावना बनी हुई, क्योंकि इस बारे में ये न तो अभिभावकों को अवगत कराते है और न ही स्कूल के बोर्ड पर लिखते है। जिससे अभिभावक इन स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला करवा देते है। इसलिए ऐसे स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में अभिभावकों व बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी व तहसीलदार ने संघ को 23 मार्च को एक कमेटी का गठन करने व उन पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान संघ ने बगैर मान्यता के चल रहे कुछ स्कूलों के नाम भी बताए।
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संघ ने बताया कि आज अभिभावकों को प्राइवेट स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाना मुश्किल हो गया है क्योंकि एडमिशन के नाम इन शिक्षण संस्थानों द्वारा मोटा पैसा वसूल किया जा रहा है। प्राइवेट स्कूलों में बिल्डिंग फंड, एनुअल चार्जेस के अलावा भारी भरकम फीस वसूली जा रही है। इसके अलावा डे्रस व कॉपी किताबों के लिए अलग से दुकान निर्धारित की हुई, जहां से अभिभावकों को अन्य दुकानों से ज्यादा पैसे देकर किताबें व ड्रेस खरीदनी पड़ती है। यह सब मिलीभगत से चल रहा है। इस पर तहसीलदार ने आश्वासन दिया है कि अनावश्यक मासिक फीस, वार्षिक फीस नियमानुसार ही ली जाए। पुस्तकें केवल हरियाणा शिक्षा बोर्ड व केंद्रीय शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित लागू की जाए। इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष रणबीर सिंह राठी, विरेंद्र आर्य, आरके दलाल, विनोद कुमार व सुरेंद्र फौजी आदि मौजूद रहे।
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