अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
ऑटोमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड (एईआरबी) मुंबई की टीम ने सोमवार को मेट्रो सिटी बहादुरगढ़ में एक्स-रे और सीटी स्कैन सेंटरों पर छापेमारी की। तीन सदस्यीय टीम ने शहर के नागरिक अस्पताल, ट्रामा सेंटर के अलावा प्राइवेट सेंटरों की एक्स-रे और सीटी स्कैन मशीनों व उनके लाइसेंस, रेडियेशन के अलावा अन्य मानकों को ध्यान रखते हुए जांच की। मानकों पर खरे न उतरने पर ट्रामा सेंटर में रखी एक पोर्टेबल मशीन के अलावा चार प्राइवेट सेंटरों की मशीनों को सील कर दिया है। इतना ही नहीं अस्पताल की ही तीन अन्य यूनिटों की एक्स-रे मशीनों को एक महीने का समय देते हुए सील ऑफ वार्निंग किया है। अगर इस दौरान मानक पूरे नहीं मिले तो उन्हें भी सील कर दिया जाएगा।
लैब और डायग्नोस्टिक सेंटरों पर मचा रहा हड़कंप
एईआरबी की छापामार कार्रवाई से अस्पताल, लैब और डायग्नोस्टिक सेंटरों पर हड़कंप मच गया। कुछ संचालक अपना सेंटर बंद कर घर चले गए। हालांकि कुछ निजी सेंटर संचालकों ने बिना किसी नोटिस दिए मशीनों को सील करने पर सवाल भी खड़े किए हैं। देर शाम तक ऑटोमिक एनर्जी के अधिकारियों की टीम बहादुरगढ़ के सेंटरों पर रखी मशीनों की जांच में जुटी रही।
ये अधिकारी रहे टीम में शामिल
एईआरबी मुंबई के अधिकारी प्रदीप कुमार के नेतृत्व में अजीत सिंह, गणेश बोकम की टीम ने सोमवार को सुबह से लेकर शाम तक एक्स-रे व सीटी स्कैन सेंटरों को खंगाला। इस दौरान टीम ने जारी किए गए लाइसेंस, मानदंड नियमों, रूम डिजाइन, टीएलसी के अलावा अन्य जांच दायरों को आधार मान कर सेंटरों पर जांच की।
इन सेंटरों की मशीनों को किया गया सील
बहादुरगढ़ के बाला जी सेंटर की एक्स-रे मशीन, पब्लिक डायग्नोस्टिक सेंटर की एक्स-रे मशीन और ब्रह्मप्रकाश डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच की। जांच के दौरान मानक खरे न उतरने पर टीम ने सभी सेंटरों की मशीनों को सील कर दिया। हालांकि सेंटर संचालकों ने इसको लेकर सवाल भी खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया। बल्कि इस तरह की सील करने की कार्रवाई उचित नहीं है। बहादुरगढ़ में कुल एक्स-रे क्लीनिक की संख्या 24 है। इनमें से सोमवार को चार पर कार्रवाई हुई और एक्स-रे मशीनों को सील कर दिया गया।
सिविल अस्पताल को दिया एक महीने का नोटिस
शहर में छापेमारी के बाद टीम ने नागरिक अस्पताल के एक्स-रे विभाग का निरीक्षण किया। अस्पताल के प्रशासक डॉ. वीरेंद्र अहलावत के कार्यालय में एक्स-रे मशीनों की कागजी कार्रवाई को परखा। यहां पर भी टीम को कुछ खामियां मिली हैं। ट्रामा सेंटर में रखी पोर्टेबल एक्स-रे मशीन को फिलहाल सील कर दिया है। जबकि तीन अन्य फिक्स एक्स-रे, डेंटल एक्स-रे व सीआरएम मशीनों को लेकर एक महीने का नोटिस दिया है।
निरंतर जारी रहेगी छापामार कार्रवाई
टीम के इंचार्ज प्रदीप कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। इससे पहले देहरादून, विशाखापट्नम के अलावा दक्षिण भारत के कई शहरों में जांच की गई है। अब उतरी भारत के बी ग्रेड के शहरों में नियमों की पालना सुनिश्चित करने को लेकर जांच की जा रही है। टीम ने जहां पर मशीनों को सील किया है, उनके बाहर नोटिस भी चस्पा किए गए हैं।
क्या कहते हैं अस्पताल के प्रशासक
नागरिक अस्पताल के प्रशासक डॉ. वीरेंद्र अहलावत का कहना है कि अस्पताल में नियमों को लेकर पूरी कागजी कार्रवाई लगभग सही है। जो कुछ दिशा-निर्देश दिए गए है, उन्हें भी पूरा किया जाएगा। फिलहाल ट्रामा सेंटर में रखी एक्स-रे की पोर्टेबल मशीन को टीम ने सील किया है।