दादरी-रोहतक एमडीआर प्रोजेक्ट का बजट घटाया 12 करोड़
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
चरखी दादरी-रोहतक मुख्य सड़क मार्ग के फोरलेन का हेड ऑफिस ने बजट ही नहीं घटाया बल्कि टेकिभनकल ऑब्जेक्शन भी लगा दिया है। इस वजह से इस प्रोजेक्ट में भी रुकावट आ गई है। जिले में तकरीबन हर प्रोजेक्ट का बजट घटाया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी विभाग ने यह प्रपोजल तैयार कर हेड अॅाफिस भेजा था। इस प्रोजेक्ट का बजट अब 73 करोड़ से घटाकर 61.63 करोड़ कर दिया गया है। यह सड़क मार्ग नारनौल-चंडीगढ़ से जुड़ा है। जिले में इस समय चार प्रमुख सड़क मार्ग हैं। इनमें दादरी-महेंद्रगढ़ रोड, दादरी-दिल्ली रोड, दादरी-भिवानी व दादरी लोहारू रोड प्रमुख रूप से शामिल हैं। अब चरखी दादरी जिला बन जाने पर सड़क मार्गों का विस्तार होना भी जरूरी है ताकि जिले के साथ लगते जिलों और बड़े शहरों से सीधा जुड़ाव हो सके। यह चरखी दादरी-रोहतक रोड चंडीगढ़-नारनौल मार्ग पर पड़ता है। इस मार्ग से रोजाना करीब चार- पांच हजार वाहनों का आवागमन होता है। राजस्थान से आने वाले सभी वाहन महेंद्रगढ़ होकर चरखी दादरी के रास्ते रोहतक, पानीपत व चंडीगढ़ जाते हैं। भारी वाहनों का आवागमन इसी मार्ग से होता है। ऐसे में यह सड़क मार्ग प्रमुख होने की वजह से इसका दायरा और चौड़ाई बढ़ाया जाना जरूरी भी है। चरखी दादरी से बौंद कलां तक करीब 22 किलोमीटर चरखी दादरी जिले की सीमा में पड़ता है। इससे आगे खैरड़ी गांव से रोहतक जिले की सीमा शुरू हो जाती है। चरखी दादरी से बौंद कलां तक इस मार्ग पर करीब 10 गांव पड़ते हैं। बौंद कलां जिले का ब्लॉक भी है।
सन 1995 में आई बाढ़ के दौरान यह सड़क मार्ग पूरी तरह से कंडम हो गया था। बाद में इसे खेतों के लेवल से करीब तीन फीट ऊंचा उठाकर बनाया गया था। इस सिंगल रोड की विभाग समय- समय पर मरम्मत भी करता रहा है लेकिन इस मार्ग से भारी वाहनों के गुजरने पर यह जल्दी ही कंडम होता रहा है। विभाग का मानना है कि इस मार्ग पर अब यातायात पिछले पांच-छह सालों के दौरान दो गुणा तक बढ़ गया है। इसकी सामान्य चौड़ाई बढ़ाए जाने से बेहतर इसे फोरलेन बनाया जाना ही उचित है।
अब यह फोरलेन बनना है
अब यह सड़क मार्ग फोरलेन बनना है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी विभाग ने पिछले दिनों प्रपोजल तैयार किया था। प्रपोजल तैयार कर हेड ऑफिस भेजा गया था। अगर इसे जल्द ही मंजूरी मिल जाती है तो चरखी दादरी ही नहीं साथ लगते महेंद्रगढ़, नारनौल, रोहतक के लोगों को भी सीधे तौर पर फायदा होगा।
73 करोड़ का प्रपोजल भेजा था
इस प्रोजेक्ट का विभाग ने 73 करोड़ का प्रपोजल तैयार किया था। चरखी दादरी पीडब्ल्यूडी विभाग की तरफ से दादरी से बौंद कलां तक करीब 22 किलोमीटर लंबाई में यह फोरलेन बनाया जाना है। बौंद कलां से आगे रोहतक की सीमा शुरू हो जाती है। फोरलेन बनने से अगले कई दशकों तक इस मार्ग पर यातायात की समस्या नहीं रहेगी। दादरी- रोहतक का सफर आसान तो हो ही जाएगा इसके साथ रोहतक की दूरी भी कम समय में तय हो सकेगी। यह फोर लेन आधुनिक तरीके का बनाए जाने की प्लानिंग है। बीच में पगडंडी पर हरियाली के लिए पौधे लगाए जाने की भी प्लानिंग तैयार होगी ताकि सड़क मार्ग का सौंदर्य भी बढ़ सके।
अब प्रोजेक्ट का बजट घटाया
अब हैड ऑफिस ने इस प्रोजेक्ट का बजट 73 करोड़ से घटाकर 61.63 कर दिया है। इतना ही नहीं प्रोजेक्ट पर कई टेक्निकल ऑब्जेक्शन भी लगाए हैं। विभाग की ओर इसे इस ऑब्जेक्शन को रिमूव करने का काम तकरीबन पूरा कर लिया है ताकि जल्द ही इसकी मंजूरी मिल सके।
== वर्जन==
इस प्रोजेक्ट की जैसे ही मंजूरी मिल जाती है। इस पर तेजी से काम शुरू करवा जाएगा। इस मार्ग के फोरलेन होने से यातायात काफी सुगम हो जाएगा। प्रोजेक्ट का बजट घटाया गया है। - एसडीओ सुरेंद्र कुमार, पीडब्ल्यूडी विभाग चरखी दादरी