बहादुरगढ़। शॉर्ट सर्किट से खेतों में जली गेहूं की फसल के नुकसान की भरपाई के लिए क्षेत्र के किसानों ने भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलन की शुरुआत कर दी है। मांडोठी स्थित दलाल भवन में आयोजित यज्ञ में आहुति डालकर इस आंदोलन की शुरुआत की गई। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता रमेश दलाल ने बताया कि किसानों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिलकर न्याय की गुहार लगा चुका है। लेकिन प्रशासन की ओर से मुआवजे के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। दलाल का कहना है कि सरकार किसानों के संयम की परीक्षा ले रही है। आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए 5 मई को फसल मुआवजा महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। शुक्रवार से ही महापंचायत की तैयारी शुरू कर दी गई है। दलाल खाप प्रधान चौ. भूप सिंह दलाल व संघर्ष समिति की ओर से क्षेत्र के सभी सामाजिक संगठनों, खापों व सरपंचों को निमंत्रण पत्र भेजा जा रहा है। साथ ही किसानों की विभिन्न टीम, क्षेत्र के गांवों में आंदोलन के प्रचार व किसानों को जागरूक करने के लिए निकली हुई है। रमेश दलाल ने बताया कि महापंचायत में पूरे प्रदेश के पीड़ित किसान हिस्सा लेंगे। रमेश दलाल ने उपायुक्त द्वारा जारी बयान की भी निंदा की जिसमें उपायुक्त ने किसानों को अधिकारियों को आवेदन व दस्तावेज जमा करने के लिए कहा है। दलाल का कहना है अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि वह गांव में आकर पीड़ित किसानों का जरूरी दस्तावेजों के बारे में मार्गदर्शन करें व किसानों का आवेदन करवाएं।
किसान बोले, नहीं हटेंगे पीछे
अल्टीमेटम की समय सीमा समाप्त होने पर किसानों में रोष है। किसानों ने आंदोलन स्थल से एक स्वर में ऐलान किया कि किसान किसी भी कीमत पर पीछे हटने वाले नहीं है। किसानों के अनुसार अगर सरकार ने शांतिपूर्ण आंदोलन को भी अनसुना किया, तो किसान गुरुग्राम व मेवात जाने वाली नहर का पानी रोकने का काम करेंगे। धरनास्थल पर मुख्य रूप से दलाल खाप 84 के प्रधान चौ. भूप सिंह दलाल, मांडोठी गांव से बल्लू प्रधान, जगदीश उर्फ जंगली, दर्शन, उजाला, मातन गांव से बोड़ा नंबरदार, पांडु प्रधान, रणधीर, रणबीर, छारा गांव से मास्टर साहब सिंह, धन्ना पहलवान, रघुनाथ, कैप्टन जीत, बलवान, आसौदा गांव से चौ. कपूरे प्रधान नौगामा, पंडित अत्तर सिंह, जय सिंह प्रधान दादा बूढ़ा मंदिर, जय सिंह गिधालिया, सिलौठी गांव से जयभगवान, रामफल, बुच्चा, रामबीर, मेहंदीपुर डाबौदा गांव से जय वीरेंद्र, सोनू, रवींद्र व रामनिवास आदि मौजूद रहे।