झज्जर। आंधी के कारण शहरी क्षेत्र में तीन जगह पर खंभे टूटने, चार जगह लाइन पर पेड़ गिरने तथा चार जगहों पर ट्रांसफार्मर में फॉल्ट आने के कारण आधे शहर में देर रात तक बिजली गुल रही। बुधवार को अल सुबह ही बिजली निगम के कर्मचारी व अधिकारी लाइनों के पेट्रोलिंग करने में जुट गए। झज्जर के सिटी नंबर एक फीडर से पिछले 4 दिन से ही बिजली व्यवस्था प्रभावित है। मंगलवार को बिजली आपूर्ति बहाल की गई तो शाम के समय इसके 3 खंभे टूट गए। इसके कारण शहर के सेक्टर 6 के आसपास के पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद हो गई। वहीं ग्वालिशन रोड का फीडर सोमवार शाम को ही बंद हो गया था जो मंगलवार को भी चालू नहीं हो पाया। इसकी वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा और 24 घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी। कर्मचारी लाइनों को ठीक करने के काम में जुटे हुए थे तो इसी दौरान एक बार फिर से आंधी व बारिश आ गई। आंधी के कारण बिजली आपूर्ति को एक बार फिर से बंद कर दिया गया और देर शाम तक बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई थी। मंगलवार की रात से प्रभावित हुई बिजली व्यवस्था बुधवार रात तक कई क्षेत्रों में बहाल नहीं हो पाई थी और बिजली निगम के कर्मचारी व अधिकारी व्यवस्था को सुचारु करने का प्रयास कर रहे थे।
रात से घनघनाते रहे शिकायत केंद्र के फोन
मंगलवार को आई आंधी और बारिश रुकने के बाद जब बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो लोगों ने बिजली निगम की शिकायत केंद्र व अधिकारियों को फोन करने शुरू कर दिए। लेकिन बिजली निगम के शिकायत के केंद्र पर मौजूद कर्मचारी लोगों को यही कहते रहे की लाइनें ब्रेक डाउन पड़ी हैं और कर्मचारी ठीक करने में जुटे हुए हैं। अभी नहीं पता बिजली आपूर्ति बहाल होने में कितना समय और लग जाएगा।
इनवर्टर भी दे गए जवाब
बिजली आपूर्ति न होने की वजह से लोगों को भी इनवर्टर भी जवाब दे गए थे और एक बार फिर से बुधवार की शाम को शहर अंधेरे में डूब गया था। लेकिन बारिश बंद होने के बाद एक बार फिर से लाइनों को चालू करने का कार्य शुरू कर दिया गया था।
मंगलवार की रात को आई आंधी की वजह से कई क्षेत्रों में बिजली की लाइनों के तार व खंभे टूट गए थे। दिन में टूटे हुए तारों का खंभों को ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया था। लेकिन बुधवार की शाम को एक बार फिर से बारिश और आंधी के कारण एहतियात के तौर पर बिजली को बंद करना पड़ा और उसके बाद एक बार फिर से लाइनों को चालू करने का काम शुरू कर दिया गया है। टूटे खंभे बदल दिए गए हैं।
संदीप जैन, एसई, बिजली निगम, झज्जर।