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खरीफ फसलों का किसानों को मिलेगा चार करोड़ का मुआवजा, ओलावृष्टि के बाद रबी की गिरदावरी की भी उठी मांग

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। जिले में वीरवार को हुई ओलावृष्टि किसानों पर फिर आफत बनकर टूटी है। जिले के किसानों ने करीब आठ से दस एकड़ में फसल खराब होने का तर्क देकर प्रदेश सरकार से स्पेशल गिरदावरी की मांग की है। सतगामा बेल्ट के गांव बिगोवा और इमलोटा में ओलावृष्टि से फसल खराब होने की सबसे अधिक आशंका है। इमलोटा में जहां गेहूं की फसल में अधिक नुकसान हुआ है बिगोवा में सरसों और गेहूं दोनों में नुकसान का अंदेशा है। गांव बिगोवा, कन्हेटी, मोरवाला, सरूपगढ़-सांतौर, घिकाड़ा, चरखी सहित एक डेढ़ दर्जन गांवों में वीरवार को दस से बीस मिनट तक ओलावृष्टि हुई है। इससे सरसों के फूल झड़ गए तो वहीं, गेहूं में भी नुकसान हुआ है। हालांकि अभी गेहूं में बाल नहीं लगने से कुछ बचाव भी हुआ है।
कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो इससे गेहूं का दाना टूटकर नहीं गिरेगा। इन गांवों के किसानों ने जिला प्रशासन से गिरदावरी की मांग की है। इस बार जिले का कृषि योग्य रकबा करीब 1.13 लाख हेक्टेयर है। इसमें गेहूं, सरसों, जौ व चने की बिजाई की गई है। इस बार गेहूं का रकबा 54100 हेक्टेयर, सरसों का रकबा 53900 हेक्टेयर, चना का रकबा 1720 हेक्टेयर व जौ का रकबा 3800 हेक्टेयर है। किसान जनहित समिति के प्रदेशाध्यक्ष सुनील पहलवान ने बताया कि वीरवार को ओलावृष्टि से जिले में करीब दस हजार एकड़ में खड़ी फसल में नुकसान हुआ है। इसलिए सरकार को तुरंत प्रभाव से गिरदावरी के आदेश देने चाहिए। वहीं, फरवरी 2018 में खरीफ की फसलों में हुए नुकसान की राजस्व विभाग ने रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेज दी है। इसके तहत किसानों को करीब चार करोड़ रुपये मुआवजा मिलेगा। जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार अरोड़ा ने बताया कि अगले सप्ताह तक यह मुआवजा राशि पहुंचने की उम्मीद है और इसके तुरंत बाद इसे किसानों को वितरित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग की रिपोर्ट में इमलोटा गांव में खरीफ की फसलों में सबसे अधिक नुकसान हुआ है जबकि कुछ गांवों में नुकसान 100 एकड़ से भी कम है।
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किसान बोले : स्पेशल गिरदावरी करवाए सरकार
- मोरवाला गांव में 5600 एकड़ में से करीब 4500 एकड़ कृषि योग्य रकबा है। इस बार 2100 एकड़ में सरसों व 2400 एकड़ में गेहूं की बिजाई हुुई थी। वीरवार को ओलावृष्टि से सरसों में 50 से 60 प्रतिशत जबकि गेहूं में 20 से 25 प्रतिशत खराब हुआ है। पहले खरीफ की तो अब रबी की फसल मौसम की भेंट चढ़ गई। - जयवीर, पूर्व सरपंच, मोरवाला

- इमलोटा गांव का कृषि योग्य रकबा 3315 एकड़ है। खरीफ की फसल नष्ट होने के बाद अभी भी करीब दो हजार एकड़ में पानी खड़ा है। इस बार महज एक हजार एकड़ में गेहूं की बिजाई हुई थी। वीरवार की ओलावृष्टि से गेहूं में 40 से 50 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। सरकार को स्पेशल गिरदावरी करानी चाहिए। - सुरेश कुमार, किसान, इमलोटा

- कन्हेटी, भागवी, नीमली, सरूपगढ़- सांतौर सहित समीपवर्ती गांवों में ओलावृष्टि के चलते किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। खरीफ फसल भी बारिश की भेंट चढ़ने से किसान पहले से ही परेशान थे लेकिन वीरवार की ओलावृष्टि ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। सरकार को स्पेशल गिरदावरी करानी चाहिए। - सुनील, किसान, कन्हेटी

- नीमली गांव में भी ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है। सरसों और गेहूं में अधिक खराबा है। इससे किसान चिंतित है। सरकार को जल्द से जल्द स्पेशल गिरदावरी कराने के आदेश अधिकारियों को देने चाहिए। पकी पकाई सरसों की फसल के फूल झड़ने से इसका असर पैदावार पर पड़ेगा। - मांगेराम, किसान, नीमली
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खरीफ-2018 का करीब चार करोड़ मुआवजा राशि डेढ़ दर्जन गांवों के किसानों को वितरित की जाएगी। जल्द ही यह राशि सरकार राजस्व विभाग को दे देगी और इसके तुरंत बाद इस राशि को किसानों के खातों में डाल दिया जाएगा। - राजकुमार अरोड़ा, जिला राजस्व अधिकारी
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