अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
सब्जियों के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। टमाटर तो इतना लाल हो गया है कि घर में बनी सब्जी में इसके दर्शन ही नहीं हो पा रहे। सलाद से भी टमाटर लगभग गायब ही हो गया है। अन्य सब्जियों के दाम भी आसमान को छू रहे हैं। सब्जी विक्रेता और व्यापारी इसके पीछे मुख्य कारण मानसून को बता रहे हैं। उनके मुताबिक भारी बरसात के कारण दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां समय पर नहीं पहुंच पा रही। हालांकि सब्जी विक्रेता उम्मीद जता रहे हैं कि अगले 15 दिनों में सब्जियों के दामों में गिरावट आ सकती है और लोगों को राहत मिल सकती है, लेकिन इस समय तो सब्जियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। जिससे उनकी बिक्री पर भी असर पड़ रहा है।
पिछले कुछ दिनों से सब्जियों के दाम आसमान की ओर बढ़ गए हैं।
पिछले सप्ताह जहां झज्जर में टमाटर 70 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा था, वही टमाटर अब 82 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिक रहा है। शिमला मिर्च तो सौ रूपये पर पहुंच गई है। पिछले सप्ताह जहां शिमला मिर्च 74 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही थी, वही अब इसके दाम 100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए हैं। कमोबेश भिंडी, घिया, टिंडा व अन्य सीजनल सब्जियों के दामों में भी भारी उछाल आया है। जिससे लोगों के घरों की रसोई का बजट काफी गड़बड़ा गया है। गृहणियों को रसोई के बजट में काफी कटौती करनी पड़ रही है। आम आदमी की पहुंच से तो लगभग सब्जियां दूर ही हो गई हैं। सब्जियों के रेट बढ़ने का असर सब्जी विक्रेताओं पर भी पड़ा है। उनकी बिक्री व आमदनी दोनों में कमी आई है।
मानसून के कारण सब्जियां हुई महंगी
सब्जी विक्रेता धमेंद्र ने बताया कि मानसून के कारण सब्जियां महंगी हुई हैं। उन्होंने बताया कि मानसून के कारण दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां देरी से पहुंच रही हैं। सब्जियों की मांग अधिक है, लेकिन पूर्ति नहीं हो पा रही, जिस कारण सब्जियों के दाम बढ़ रहे हैं। उसने बताया कि मानसून के कारण कई स्थानों पर सब्जियां खराब भी हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर सब्जी मंडी में आने वाली सब्जियां भी देरी से आ रही हैं, जिस कारण सब्जियों के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। उसने बताया कि जब तक सब्जियों की सही आपूर्ति शुरू नहीं होगी, दाम यूं बढ़ते जाएंगे। उसने बताया कि सब्जियों के दाम बढ़ने का असर बिक्री पर भी हुआ है और ग्राहक कम आ रहे हैं।
15 दिन बाद दाम कम होने की उम्मीद
सब्जी विक्रेता पाले का कहना है कि 15 दिन बाद सब्जी के दामों में कमी आ सकती है। क्योंकि इस दौरान नागपुर से टमाटर स्थानीय सब्जी मंडी में आना शुरू हो जाएगा। साथ ही अन्य सब्जियां भी पहुंचने लगेंगी, जिससे सब्जियों के दामों में गिरावट आने की उम्मीद है।
सब्जियों के दाम
सब्जियां सप्ताह पहले अब
टमाटर 70 82
शिमला मिर्च 74 100
भिंडी 30 40
घिया 25 30
टिंडा 55 64
नोट: रेट रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से
- टमाटर 80 रुपये प्रति किलो के पार तो शिमला मिर्च के दाम 100 पर पहुंचे
- नागपुर का टमाटर आने के बाद ही सुधरेगा जेब का बजट, अभी 20 दिन तक और रह सकती है महंगाई