अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
रेल यात्रियों ने बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल की चौकी खोलने की मांग की है। इस संबंध में दिल्ली-रोहतक दैनिक रेल यात्री समिति द्वारा रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक को पत्र लिखा गया है। समिति का कहना है कि यदि चौकी खुलती है तो प्लेटफार्म परिसर और डिब्बों में असामाजिक तत्वों पर कहीं हद तक शिकंजा कसा जा सकता है।
पत्र में कहा गया है कि दिल्ली-रोहतक रेलवे स्टेशन के बीच बहादुरगढ़ स्टेशन बेहद प्रमुख है। यहां के हजारों यात्री प्रतिदिन दिल्ली और रोहतक की तरफ सफर करते हैं। इनमें नौकरी पेशा और छात्रवर्ग की संख्या ज्यादा है। यूं तो बहादुरगढ़ स्टेशन पर राजकीय रेलवे पुलिस चौकी है, मगर गिनेचुने कर्मचारी होने के कारण व्यवस्था सही नहीं रह पाती, जबकि रेल यात्रियों की सुरक्षा, रेल के डिब्बों में मदिरापान, धूम्रपान पर रोक लगाने, रेलवे के सामान को चोरी करने से बचाने आदि का जिम्मा रेलवे सुरक्षा बल का है। इसलिए यहां पर आरपीएफ थाना या चौकी खोला जाना बेहद जरूरी है।
खुलेआम होती है ड्रिकिंग, स्मोकिंग
दैनिक रेल यात्री समिति के सचिव नई बस्ती निवासी पवन कुमार का कहना है कि दिल्ली के नांगलोई रेलवे स्टेशन के बाद रोहतक में ही रेलवे सुरक्षा बल का थाना है। रोहतक थाने के अंतर्गत 100 किलोमीटर क्षेत्र का जिम्मा आरपीएफ का है। मगर इतने बड़े क्षेत्र की देखभाल के लिए रोहतक स्टेशन पर भी जवानों की संख्या न के बराबर है। यही कारण है कि दिल्ली से रोहतक के बीच रेल के डिब्बों में खुलेआम शराब और सिगरेट का सेवन होता है। इससे दूसरे यात्रियों को परेशानी होती है।
सफर करना भी मुश्किल
समिति के प्रवक्ता सतपाल हाड़ा ने कहा कि शाम के वक्त तो ये हालात होते हैं कि एक सभ्य परिवार अपनी बहन-बेटियों के साथ सफर कर ही नहीं सकता। युवा गाली-गलौच करते हैं, ताश खेलते हैं। सायं के समय रोहतक से चलने वाली गाड़ी संख्या 64932 में हालात बिगड़े रहते हैं। इस अव्यवस्था को रोकने का जिम्मा रेलवे सुरक्षा बल का है, लेकिन आरपीएफ में जवानों की कमी के कारण स्थिति संभल नहीं पा रही। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बहादुरगढ़ में आरपीएफ की चौकी खोली जानी चाहिए।
- दैनिक रेल यात्री समिति की ओर से लिखा गया था महानिदेशक को पत्र